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प्रस्तावित ओंकारेश्वर अभयारण्य में बढ़ रही तेंदुओं की तादाद

वन परिक्षेत्र चांदगढ़ और ओंकारेश्वर के जंगल से निकलकर तेंदुए अब सड़क पर आने लगे हैं। कुछ दिनों से पुनासा-भोपाल मार्ग पर तेंदुओं की चहलकदमी बढ़ी है। ओंकारेश्वर में ओंकार पर्वत मार्ग पर भी तेंदुओं की दस्तक से ग्रामीण व तीर्थ यात्रियों में दहशत हैं। इधर गांधीसागर अभयारण्य से एक ओर तेंदुए को चांदगढ़ रेंज में छोड़ा गया।

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प्रस्तावित ओंकारेश्वर अभयारण्य में तादाद बढ़ने से तेंदुए अब आसानी से नजर आने लगे हैं। खासकर मुख्य मार्ग पर लोगों को अक्सर यह खड़े हुए दिखाई दे जाते हैं। कुछ लोगों ने तेंदुओं का वीडियो बनाकर वायरल भी किया। सबसे अधिक भोपाल रोड पर नर्मदानगर, पामाखेड़ी व सतवास के बीच और ओंकारेश्वर में पहाड़ी पर यह नजर आ रहे हैं। ओंकारेश्वर में ओंकार पर्वत मार्ग पर गुरुवार रात तीन तेंदुए नजर आए। लोगों ने अपने मोबाइल से उनका वीडियो रिकार्ड किया। तेंदुओं की दस्तक से लोगों में डर का माहौल हैं। इधर वन विभाग ने भी लोगों को सतर्कता बरतने की हिदायत दी है। जंगल में नहीं जाने के लिए चेताया हैं।

चांदगढ़ रेंज का क्षेत्र 21048.56 हेक्टेयर

चांदगढ़ रेंज घने जंगल वाला क्षेत्र हैं। जिले के अन्य वन क्षेत्रों से सबसे अधिक 21048.56 हेक्टेयर में जंगल फैला हुआ है। इससे यहां पहले से तेंदुए और अन्य वन्यप्राणी हैं। इनमें मादा तेंदुआ भी है। अब तेंदुओं का मुवमेंट चांदगढ़ के साथ ही उससे लगे ओंकारेश्वर के जंगल में भी बढ़ गया है। इस जंगल में भी काफी संख्या में तेंदुए हैं। अब इनकी तादाद 100 से अधिक हो गई है।

अब तक 18 तेंदुए छोड़े

गांधी सागर अभयारण्य से गुरुवार शाम को एक तेंदुआ चांदगढ़ रेंज लाया गया। उसे यहां देर रात घने जंगलों में छोड़ दिया गया। गांधीसागर अभयारण्य से जंगल में छोड़े जाने वाला यह 18वां तेंदुआ हैं। इससे पहले पिछले सालों में 17 तेंदुए इसी अभयारण्य से लाकर यहां छोड़े गए।

तेंदुए चांदगढ़ रेंज में शिफ्ट किए जा रहे है।