इंदौर में दूषित जल से हुई 16 मौतों और नगरीय विकास मंत्री के विवादित बोल के साथ खंडवा ेमें साफ पानी की मांग को लकर कांग्रेस ने उग्र प्रदर्शन किया। रविवार दोपहर को गांधी भवन से घंटा बजाते हुए कांग्रेसी खंडवा विधायक कंचन तनवे के निवास के लिए रवाना हुए। पुलिस ने विधायक निवास से आधा किमी पहले ही बेरिकेडिंग कर कांग्रेसियों को रोका। कई कांग्रेसी बेरिकेड्स फांदकर भागे, जिसके बाद पुलिस से मामूली झड़प भी हुई। तीन जगह कांग्रेसियों को पुलिस ने रोका। जिसके बाद पोस्टर पर लिखे ज्ञापन को कांग्रेस ने सीएसपी को सौंपा।
शहर कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा रघुवंशी के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ता विधायक निवास पर धरना प्रदर्शन करने के लिए निकले। विधायक निवास से पहले जिला पंचायत के आगे पुलिस ने बेरिकेड्स लगा रखे थे। यहां एसडीएम ऋषि कुमार सिंघई, तहसीलदार महेश सोलंकी, सीएसपी अभिनव बारंगे, कोतवाली टीआइ प्रवीण आर्य, यातायात निरीक्षक देवेंद्र सिंह परिहार सहित बड़ी संख्या में बल मौजूद था। यहां कांग्रेसियों की पुलिस से बहस हुई और धक्का-मुक्की भी। शहर कांग्रेस अध्यक्ष के साथ अन्य युवा कांग्रेसी बेरिकेड्स को पार कर भागने लगे। पुलिस भी पीछे-पीछे भागी। इस दौरान झड़प भी हुई। जिसके बाद शहर कांग्रेस अध्यक्ष और महिलाएं जमीन पर ही बैठ गई। पुलिस रुकी तो कांग्रेसी वापस पलटकर बेरिकेड्स तक पहुंचे और शहर कांग्रेस अध्यक्ष ने बेरिकेड्स पर चढकऱ पुलिस और प्रशासन को चेतावनी भी दी। इस दौरान भ्रष्टाचार को लेकर जमकर नारेबाजी भी की।
करीब 200 मीटर तक किया पीछा
इसके बाद कांग्रेस ने पोस्टर पर लिखे नारों को ही ज्ञापन बनाकर सीएसपी अभिनव बारंगे कोस सौंपा। पुलिस ने सोचा कि अब प्रदर्शन खत्म हो गया और निश्चित हो गई। जिसके बाद शहर कांग्रेस अध्यक्ष सहित युवाओं ने विधायक निवास की ओर दौड़ लगा दी। इस दौरान कांग्रेसी अपने साथ लाए घंटे भी बजाते हुए भागे। कांग्रेसियों को भागता देख पुलिस ने भी पीछा किया। करीब 200 मीटर दौड़ लगाने के बाद पुलिस ने आगे लगे बेरिकेड्स के पास कांग्रेसियों को रोका। यहां जमकर हंगामा हुआ और कांग्रेसी नारेबाजी करते रहे। करीब आधा घंटे बाद कांग्रेसी लौट आए।