मामला यह है कि रेलवे द्वारा सूरजकुंड क्षेत्र से करीब 200 अतिक्रमण हटाए जाने है। सोमवार को यहां 16-17 अतिक्रमण हटाने के बाद लोगों के विरोध और नेता प्रतिपक्ष द्वारा एसडीएम से मांगे गए समय के बाद कार्रवाई रोकना पड़ी थी। मंगलवार को पूरे अतिक्रमणकारी कलेक्ट्रेट पहुंचे और जमकर हंगामा किया। मुल्लू राठौर का कहना था कि नियमानुसार अवैध कब्जे को हटाने के लिए भी नोटिस देना पड़ता है। यहां बिना नोटिस के ही कार्रवाई हो रही है। जमीन नजुल की है, निगम ने रोड, नाली बनाई और संपत्तिकर, जलकर भी वसूल रही है। फिर जमीन रेलवे की कैसे हो गई। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि शाम को यहां नप्ती कराई जाएगी। जिसके बाद हंगामा खत्म हुआ।