मदनगंज-किशनगढ़.
हाउसिंग बोर्ड टैम्पो स्टैंड के पास कहने को तो सार्वजनिक पार्क है, लेकिन इसमें बच्चों के आने पर ही पाबंदी है। इस पार्क में खेलना तो दूर की बात, बच्चे प्रवेश तक नहीं कर पाते। पार्क में ना दूब है और ना खेलने व व्यायाम इत्यादि के लिए कोई साधन। महिलाओं के लिए झूले तक नहीं है। इस पार्क में इन दिनों केवल मिट्टी बिछी हुई है। इसके सिवाय यहां मनोरंजन या फिर व्यायाम इत्यादि के लिए कोई सुविधा नहीं है।
हाउसिंग बोर्ड क्षेत्र निवासी शान्तीदेवी, सरिता रूणवाल एवं मधूदेवी ने बताया कि पार्क की देखभाल के लिए ठेकेदार का जो चौकीदार है वह पार्क में बच्चों को घुसने नहीं देता और गेट बंद कर देता है। इस वजह से क्षेत्र के बच्चे पार्क में ना तो घुस पाते है और ना ही खेल पाते हैं। क्षेत्र के छोटे बच्चे गलियों में इधर-उधर टोलियों के रूप में दौड़ भाग करते रहते हैं। यदि पार्क में बच्चों को प्रवेश और खेलने की इजाजत मिल जाए तो बच्चे यहां सुकुन से अपने मनोरंजन के लिए खेल सकते हैं।अक्सर गेट पर लटका रहता है ताला
क्षेत्रीय लोगों ने बताया कि ठेकेदार का चौकीदार अपनी मर्जी अनुसार ही पार्क का गेट खोलता है। जबकि अधिकांश समय पार्क के गेट पर ताला लगा रहता है। ऐसे में सुबह या शाम को वाॅकिंग करने, व्यायाम करने भी लिए भी कोई नहीं जा पाता।ना दौडऩे के लिए ट्रेक, ना दूब
इस सार्वजनिक पार्क की चार दीवारी बनी हुई है। यह दीवारें भी जर्जर है। लेकिन भीतर जमीन पर केवल रेत बिछी हुई है। पार्क में ना दूब है और ना ही युवाओं के दौडऩे के लिए ट्रेक है। यहां बच्चों के लिए ना तो चकरियां हैं और ना ही फिसल पट्टियां। महिलाओं व बच्चों के लिए झूले तक नहीं है।
चौकीदार हमेशा पार्क के गेट पर ताला लगा कर रखता है। बच्चों को पार्क में खेलने के लिए घुसने तक नहीं दिया जाता। बच्चे खेलने के लिए परेशान होते हैं।-रेखा देवी, क्षेत्रवासी।
इस पार्क में केवल रेत है। दूब तो बिल्कुल नहीं है। ना ही व्यायाम करने के लिए कोई साधन या सुविधा उपलब्ध है। पार्क में ओपन जिम लगाए जाने की जरुरत है।-कंचन विधानी, क्षेत्रवासी।