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कोलकाता

राजस्थान दिवस समारोह में झूमे प्रवासी

कोलकाता. राजस्थान परिषद की ओर से स्थानीय ओसवाल भवन सभागार में राजस्थान दिवस समारोह मनाया गया। कार्यक्रम में गायिका मारुति मोहता ने संगीतमय प्रस्तुतियां दीं।

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कोलकाता. राजस्थान परिषद की ओर से स्थानीय ओसवाल भवन सभागार में राजस्थान दिवस समारोह मनाया गया। कार्यक्रम में गायिका मारुति मोहता ने संगीतमय प्रस्तुतियां दीं।
म्हारो रंग रंगीलो राजस्थान से राजस्थानी गीतों का सिलसिला प्रारंभ हुआ। गणगौर, चिरमी, घूूमर, ईमली, घुड़लो घूमे लो…, मोरिया आछो बोल्यो रे…, चमचम चमके चूनङी बिणजारा रे…, घोड़ी नाच रे… आदि पारंपरिक गीत सुनाए तो सभागार में ऐसा समां बंधा कि उपस्थित प्रवासी भावविभोर होकर झूमने लगे। लोगों में उत्साह इतना ज्यादा था कि युवाओं के साथ बुजुर्ग एवं महिलाएं भी स्टेज के सामने आकर थिरकने लगे। महाकवि कन्हैयालाल सेठिया के कालजयी गीत धरती धोरां री… सुनकर सभी मगन हो गए।
समाजसेवी एवं वरिष्ठ कर सलाहकार मोहन लाल पारीक ने अध्यक्षीय वक्तव्य में राजस्थान राज्य की स्थापना के बारे मे जानकारी दी। साथ ही उन्होंने राजस्थानी के घटते प्रयोग पर चिंता जताते हुए आपसी बातचीत में तथा घर-परिवार में राजस्थानी भाषा का प्रयोग करने पर जोर दिया।
साहित्यकार प्रेमशंकर त्रिपाठी ने कहा कि माटी की महक और संगीत का सम्मोहन मिलकर राजस्थानी गीतों को जो छटा प्रदान करते हैं, वह अविस्मरणीय है। राजस्थान की गौरवशाली भूमि भारत की तेजस्विता का प्रतीक है और इसलिए सर्वदा वंंदनीय है।
परिषद के महामंत्री अरुण प्रकाश मल्लावत ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए कहा कि राजस्थान परिषद अपने स्थापना काल से ही राजस्थानी कला, संस्कृति एवं साहित्य के उत्थान एवं प्रचार-प्रसार हेतु प्रयत्नरत है। संचालन शशि लाहोटी ने किया।

कार्यक्रम की सफलता में मनोज काकड़ा, भागीरथ सारस्वत एवं सच्चिदानंद पारीक सक्रिय रहे। कार्यक्रम में महावीर बजाज, बंशीधर शर्मा, रामगोपाल सूंघा, भंवर लाल राठी, नंदकुमार लढा, तरूण सेठिया, पन्नालाल सुराना, राजेश नागोरी, संपत मानधना, प्रदीप सूंठवाल, राजाराम बिहानी, सुरेश बांगानी, महेश मालपानी, किशन बलदुवा, सुरेंद्र चमड़िया, विनीत शर्मा, किशन बरडिया, अनुराग नोपानी, आलोक झुनझुनवाला, सत्यनारायण मोरीजावाला, महेश भुवालका, हरीश तिवाड़ी, प्रकाश बोथरा, महेंद्र पाटनी, श्रीमोहन तिवाड़ी, अनिल ओझा ‘नीरद’, एडवोकेट महेंद्र शर्मा, दशरथ सिंह भंडारी, नारायण भरुका, ओम प्रकाश जोपट, मनोज चंडालिया, मोहन तिवारी, गोविंद जेथलिया, श्याम सुंदर काबरा, बिनोद कुचेरिया, डॉ. कमल किशोर, मुल्तान पारीक, बाबूलाल पारीक, ओंकार पारीक, चंपालाल पारीक, प्रभुदयाल पारीक, नथमल पारीक, महावीर रावत, गुलाब चंद मूंदड़ा, कृष्णा काकड़ा आदि उपस्थित थे। कार्यक्रम में मातृशक्ति की भी सराहनीय उपस्थिति रही जिनमें दुर्गा व्यास, विजया पारीक, शकुंतला देवी मल्लावत, गायत्री बजाज, भगवती देवी मूंदड़ा एवं प्रियंका सारस्वत प्रमुख रही।