BENGAL TEEJ 2023-कोलकाता। हरियाली तीज में शनिवार को राजस्थान से आए कलाकारों ने एक से बढक़र एक आकर्षक लोकगीतों से समां बांध दिया। राजस्थान फाउंडेशन और अग्र बंधु की ओर से मंडेविला गार्डेन में आयोजित आयोजन में अंतरराष्ट्रीय राजस्थानी लोकगायक बक्स खां गुणसार, इंडियन आइडियल फेम सतार खां लंगा (बाड़मेर) ने सुरीले गीत पेश किए। अध्यक्ष प्रहलाद राय गोयनका समेत सचिव संदीप गर्ग, संयोजन राजस्थान सूचना केंद्र के सहायक निदेशक हिंगलाज दान रतनू सक्रिय रहे। इस मौके पर जगमोहन बागला, निर्मल गोयनका, रामविलास मोदी, संदीप बजाज, विश्वनाथ केडिया, प्रकाश डागा, गगन गोयनका, पूजा गोयनका आदि मौजूद थे। अग्रबंधु एवं राजस्थान फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में मेंडेविला गार्डन स्थित गोयनका विला के उद्यान में सुहागिनों का पवित्र त्यौहार हरियाली तीज धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर लोकगायकों ने समां बांध दिया। पर्व के दौरान संस्कृतिक विरासत जीवंत हो उठी। हर तरफ मस्?ती और उमंग का समंदर हिलोरें ले रहा था।राजस्थान से विशेष रूप से आमंत्रित अंतर्राष्ट्रीय ख्याति के बक्श खांगुणसार (जैसलमेर) व इंडियन आइडल ख्यात सत्तार खां लंगा के सरस राजस्थानी लोकगीतों पर उपस्थित सुहागिनों और शहरी सभ्यता में पली-बढ़ी नवयौवनाओं ने खूब धमाल मचाया। राजस्थान नृत्यांगनाओं की छटा भावविभोर करने वाली थी। संस्कृतिनिष्ठ कोलकाता के संभ्रांत परिवार के सदस्यों की मौजूदगी में अग्रबंधु के अध्यक्ष प्रह्लाद राय गोयनका ने कहा कि मातृभूमि और मातृभाषा का सम्मान सर्वोपरि है। आप जहां भी रहें जननी और जन्मभूमि से अंतरंग रिश्ता बनाए रखें तभी आपकी पहचान कायम रहेगी. हरियाली तीज पर राजस्थान की ।महिलाएं हरे रंग की साड़ी, हरी चूडियां, लहरिया पहनकर शिव- गौरी की पूजा-अर्चना और अपने पति की लंबी उम्र की कामना करती हैं। हरियाली तीज पर सहेलियों संग झूला झूलना, सावन और तीज के गीत गाकर अपनी खुशी का इजहार करना इस त्यौहार का मकसद है। इस दिन मेंहदी लगाने का विधान है, इससे सौभाग्य में वृद्धि होती है। राजस्थान सूचना केंद्र, कोलकाता के सहायक निदेशक हिंगलाजदान रतनू के संयोजन में हरियाली तीज का यह आयोजन कोलकाता में राजस्थान की मजबूत उपस्थिति का गवाह बना. अग्रबंधु के सचिव संदीप गर्ग सहित गोयनका परिवार के सदस्यों जिनमें निर्मला, गगन और पूजा गोयनका की अहम भूमिका थी, सुशील कुमार चौधरी, संदीप बजाज, सतीश कुमार गर्ग (आईएएस) एवं सैकड़ों राजस्थान प्रवासी परिवार के सदस्य मौजूद रहे।