हाबूलाल शर्मा
कोटा. हाड़ौती के दो युवाओं ने मिलकर देश का पहला कृषि ड्रोन कॉन्सेप्ट (स्टार्टअप) शुरू किया है, जो अब किसानों के लिए खेती में मददगार साबित हो रहा है। किसान अब ड्रोन से फसलों में कीटनाशक का छिडक़ाव करवा रहे हैं। स्टार्टअप की सफलता के बाद दोनों युवा मिलकर देश के हर जिले में ड्रोन पायलट ट्रेनिंग सेंटर खोलने की तैयारी में हैं, ताकि किसानों व ग्रामीण युवाओं को ड्रोन संचालन का प्रशिक्षण दिया जा सके। इसके लिए उन्होंने पहला ड्रोन पायलट ट्रेनिंग सेंटर झालावाड़ जिले के पिड़ावा में खोलने की तैयारी शुरू की है।
कम्प्यूटर साइंस में स्नातक झालावाड़ निवासी विनय कुमार यादव ने बताया कि उन्होंने साथी उदयपुर निवासी इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में स्नातक हितेश बोराना के साथ मिलकर 2017 में पहला कृषि ड्रोन कॉन्सेफ्ट तैयार किया, जो एक किलो वजनी उर्वरक व कीटनाशक लेकर खेत में छिडक़ाव कर सके। इसका पहला ट्रायल उदयपुर जिले में किया, जो सफल रहा। इसके बाद दोनों ने मिलकर विसरॉन प्रा.लि. के नाम से कम्पनी बनाई और 2021 में रजिस्ट्रेशन करवाया। इसके बाद ड्रोन में अपडेट करते हुए दो प्रकार के ड्रोन तैयार किए, जो 10 व 16 किलो वजनी उर्वरक व कीटनाशक भरकर खेतों में छिडक़ाव करते हैं।
250 से ज्यादा ड्रोन तैयार किए
यादव ने बताया कि स्टार्टअप को सबसे पहले तमिलनाडु इनक्यूवेशन सेंटर से सपोर्ट मिला। इसके बाद कोटा के आई-स्टार्ट सहित देश के अलग-अलग राज्यों में इनक्यूवेशन सेंटर का सहयोग मिला और हमने अभी तक 250 से ज्यादा ड्रोन तैयार किए हैं। इनमें से कुछ किसानों ने खरीद लिए तो कुछ किसान किराए पर लेकर कीटनाशक का छिडक़ाव कर रहे हैं। राजस्थान में भी 5 जिलों में नैनो यूरिया के छिडक़ाव का किसानों को डेमो दिया है और अभी 10 से 15 ड्रोन राजस्थान में भी किसानों को दिए हैं। आने वाले साल तक राजस्थान में 2 हजार ड्रोन किसानों को उपलब्ध कराने का प्रयास है।
जल्द शुरू करेंगे
यादव ने बताया कि देश का पहला ड्रोन पायलट ट्रेनिंग सेंटर राजस्थान के झालावाड़ जिले के पिड़ावा कस्बे में खोलने की तैयारी है। अगले दो-तीन माह में सेंटर शुरू हो जाएगा। सेंटर पर किसानों व ग्रामीण युवाओं को ड्रोन उड़ाने से लेकर ड्रोन की बारीकियों का प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि वे स्वालंबी बनें व युवाओं को ड्रोन पायलट के रूप में रोजगार प्रदान करवाया जाएगा। इस ट्रेनिंग सेंटर के शुरू होने के बाद राजस्थान के सभी जिलों में ड्रोन पायलट ट्रेनिंग सेंटर खोले जाएंगे।