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ससुराल के सितम और पीहर पक्ष की अनदेखी से अस्पताल पहुँची पूनम कोटा की दुआएं और हौसले का आसमान लिए वापस लौटी

victimization पूनम कँवर की मेडिकल कॉलेज से छुट्टी, 83 दिनों के बाहर छत के नीचे से खुले आसमान में आई पूनम  

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कोटा

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Suraksha Rajora

Oct 03, 2019

कोटा. 3 माह पूर्व लावारिस लाचार अवस्था में अपना घर आश्रम पहुंची पूनम कँवर की लगभग 3 माह बाद उपचार के बाद मेडिकल कॉलेज से छुट्टी हुई। सुसराल का सितम एवं बाद में पीहर पक्ष की अनदेखी का शिकार हुई पूनम को जब मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था तब कमर में काफी गहरे घाव एवं तबियत काफी नासाज थी।

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मुख्यमंत्री कार्यालय,जिला प्रशासन,पुलिस प्रशासन,मेडिकल कॉलेज प्रशासन एवं द्वारा विशेष देखरेख के बाद जहाँ पूनम की जान बची वहीं सुसराल वालों के खिलाफ पुलिस में जीरो रिपोर्ट दर्ज किया गया।


इस दौरान लगभग 100 से ऊपर ग्लूकोज़ ड्रिप एवं इंजेक्शन एवं आधा दर्जन से अधिक ब्लड यूनिट पूनम को चढ़ाया गया। फिलहाल पूनम के यूरिन कैथेडर एवं कैलिपर्स लगाए हुए है। बताया जाता है कि लगभग 3 माह तक मेडिकल कॉलेज में उपचार पाने का भी मामला पहला ही है।


कोटा शहर वासियों के द्वारा सेवा और दुआओं का जज्बा निरन्तर बढ़ता हुआ मिलता रहा। पूनम कँवर फिलहाल कोटा के अपना घर आश्रम में रहेगी । अपना घर संस्था के मनोज आदिनाथ जैन पूनम का पूरा सहयोग रहे है ।

राजस्थान पत्रिका ने पूनम का मुद्दा प्रमुखता से उठाया था। जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया । उन्होंने अस्पताल में जाकर पूनम का हाल जाना और चिकित्सकों से उपचार की पूरी जानकारी ली। वहीं पुलिस अधीक्षक दीपक भार्गव ने पीडि़ता को न्याय दिलाने की बात कही है। अपनाघर आश्रम से पूनम को एम्बुलेंस से मेडिकल कॉलेज के नए अस्पताल के ऑर्थोपेडिक वार्ड में भर्ती कराया गया था ।

परिवार का नहीं मिला साथ…

गौरतलब है कि बिजौलिया क्षेत्र के केसूविलास निवासी बीस वर्षीय महिला पूनम राजपूत को तीन माह पहले ससुर दिलीप सिंह व दादी सास प्रेमकंवर ने घर की छत से फेंक दिया। नीचे गिरने से उसकी रीढ़ की हड्डी टूट गई। उसका अहमदाबाद में इलाज चला। उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ। पति उसे जयपुर पीहर छोड़कर चला गया। पिता नहीं है। मां भी मानसिक रूप से पीडि़त है।

भाई का भी साथ नहीं मिला। उसका उपचार नहीं होने से शरीर में गहरे घाव हो गए। तीन दिन पहले कोटा के श्रीराम नगर निवासी चाचा उसे गाड़ी से एमबीएस अस्पताल में भर्ती करवाकर चले गए। लावारिस मानकर अस्पताल ने भी उसका उपचार नहीं किया। डिस्चार्ज कर अपनाघर आश्रम भेज दिया। बाद में पूनम का मेडिकल अस्पताल में उपचार जारी रहा पूनम से मिलने राजस्थान सरकार के खनन एवं गोपालन मंत्री प्रमोद जैन भाया भी पहुंचे थे ।