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कोटा को लेकर बड़ा खुलासा : कोटा में फर्जी सिम का खेल, देश-विदेश में हो रहा था सिम का उपयोग

एटीएस ने कोटा में फर्जी सिम जारी करने वाले गिरोह का किया भण्डाफोड़, अब तक 11 डिस्स्ट्रीब्यूटर के खिलाफ कार्रवाई, पांच गिरफ्तार

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कोटा. एटीएस की टीम ने कोटा जिले में फर्जी मोबाइल सिम जारी करने वाले गिरोह का भण्डाफोड़ कर दिया। टीम ने शनिवार को कोटा में पांच तथा जिले के सुल्तानपुर में एक मोबाइल एंटरप्राइजेज पर कारवाई कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। टीम अब तक गिरोह के कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। उक्त डिस्ट्रीब्यूटर्स ने कुल 81 फर्जी सिमें जारी की थी। इनके द्वारा जारी फर्जी सिमों को सिम मॉडम बॉक्स में उपयोग लेना पाया गया। डिस्ट्रीब्यूटर्स के मालिकों ने ग्राहकों की आईडी से अन्य सिमें बिना उनकी जानकारी के सिम मॉडल बॉक्स में उपयोग किया। उत्तर प्रदेश पुलिस ने लखनऊ से सिम मॉडम बॉक्स बरामद किए हैं।

जयपुर के पुलिस उप महानिरीक्षक अंशुमान भोमिया के नेतृत्व में गठित टीम ने स्थानीय टीम के साथ कोटा में शनिवार को फर्जी सिम जारी करने वाले डिस्ट्रीब्यूटर्स रामचन्द्रपुरा स्थित आकाश मोबाईल व भगवती मोबाइल, दादाबाड़ी स्थित शर्मा कम्युनिकेशन, सुनम एन्टरप्राईजेज व विनय मोबाइल, कोटा ग्रामीण जिले में सुल्तानपुर स्थित रवि मोबाइल के खिलाफ कार्रवाई की गई। एटीएस ने दादाबाड़ी हनुमान बस्ती निवासी आकाश शर्मा, बैरवा बस्ती निवासी रवि प्रकाश को गिरफ्तार किया।

इससे पहले भी हुई कार्रवाई

एटीएस ने इससे पहले भी 23 फरवरी को कोटा में कार्रवाई कर पांच फर्जी सिम जारी करने वाले डिस्ट्रीब्यटर्स के खिलाफ कार्रवाई कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इनमें सुल्तानपुर के दिव्या एंटरप्राइजेज, दीगोद के वर्धमान मोबाइल, बोरखेड़ा में सुदर्शन मोबाइल, मोदिका एन्टरप्राइजेज, लक्की एन्टरप्राइजेज के खिलाफ कार्रवाई की थी तथा दादाबाड़ी बसंत विहार निवासी विनय जैन, महेन्द्र कुमार, कोटड़ी गोवर्धनपुरा निवासी हेमराज को धारा 420, 120 आईपीसी में गिरफ्तार किया था। इनके खिलाफ एसओजी थाना जयपुर में मामला दर्ज किया गया था।

क्या है सिम मॉडम बॉक्स

सिम मॉडम बॉक्स एक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण है, जो हार्डवेयर व सॉफ्टवेयर के बेस पर काम करता है। वीओआईपी कॉल को साधारण वॉईस कॉल में बदलकर फर्जी मोबाइल सिमों से ग्राहक तक साधारण कॉल पहुंचाता है। जिससे दूससंचार विभाग व मोबाइल कंपनियों को उक्त कॉल्स की पहचान नहीं हो पाती। सिम मॉडम बॉक्स छोटे मोबाइल एक्सेंज के रूप में कार्य करता है जो देश में अवैध है। विदेश में बैठा व्यक्ति वीओआईपी कॉल करके भारत में मौजूदा व्यक्ति से साधारण कॉल से बात कर सकता है।