
कोटा शहर सहित जिलेभर में सावन भिगोते हुए विदा हुआ और भादो का धमाकेदार आगाज हुआ। इन्द्रदेव की मेहरबानी से गुरुवार शाम (सावन का अंतिम दिन) शुरू हुआ बारिश का दौर शुक्रवार शाम (भादो का पहला दिन) तक जारी रहा। इस दरम्यान जिलेभर में कभी मूसलाधार तो कभी हल्की बारिश का दौर चलता रहा।
इस बारिश से कोटा में मानसून सीजन में बारिश का ‘कोटाÓ भी पूरा हो गया। कोटा में बारिश का औसत 734 एमएम है, अब तक 828.7 एमएम बारिश हो चुकी है। अभी पूरा भादो बाकी है। ऐसे में अब जो भी बारिश होगी, वह अतिरिक्त होगी।
झमाझम बारिश से चम्बल, कालीसिंध, पार्वती, ताकली समेत कई नदियां उफान पर आ गई। जल ग्रहण क्षेत्र में अच्छी बारिश होने से चम्बल नदी में पानी की आवक होने से सुबह कोटा बैराज के आठ गेट खोलकर 68 हजार 800 क्यूसेक पानी की निकासी की गई। कोटा बैराज के गेट खुलने से कोटा से धौलपुर तक अलर्ट जारी किया गया। जल संसाधन विभाग ने निचली बस्तियों के लोगों को भी सतर्क कर दिया।
मौसम विभाग के अनुसार, कोटा जिले में औसत से 94.7 एमएम बारिश ज्यादा हो चुकी है। कोटा में बीते 32 घंटे में 4 इंच से अधिक बारिश दर्ज की गई। बीते 24 घंटे में 44.6 एमएम व शुक्रवार सुबह 8.30 से शाम 5.30 बजे तक 63.4 एमएम बारिश दर्ज की गई। बारिश के बाद तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। अधिकतम तापमान 2 डिग्री गिरकर 27.8 व न्यूनतम तापमान 3 डिग्री गिरकर 23.7 डिग्री सेल्सियस रहा।
शहर पानी-पानी
कोटा में गुरुवार देर शाम से शुरू हुआ रिमझिम तो कभी मूसलाधार बारिश का दौर शुक्रवार को दिनभर चलता रहा। इससे शहर पानी-पानी हो गया। सड़कें तालाब बन गई। नदी-नाले उफान पर आ गए। शहर से लेकर गांवों तक मार्ग अवरुद्ध हो गए। आवागमन कट गया। शहर से लेकर गांवों तक कई बस्तियां व कॉलोनियां जलमग्न हो गई। बारिश के चलते लोग दिनभर घरों में कैद रहे। कई लोग रेनकोट व छाते में बाहर निकले तो कुछ भीगते हुए गुजरे। बाजारों में ग्राहकी नहीं होने से दुकानों पर सन्नाटा पसरा रहा। बाजारों में घुटनों तक पानी जमा हो गया। इससे वाहनों को निकलने में खासी परेशानी हुई। वाहन रेंग-रेंग पर गुजरते रहे। तेज बारिश होने से खेतों में फसलें जलमग्न रही।
उफने नाले, बंद रहे मार्ग
शहर में इन्द्रा मार्केट, छावनी-रामचन्द्रपुरा, डीसीएम चौराहा, प्रेमनगर तृतीय, देवली अरब रोड, बजरंग नगर समेत अन्य कॉलोनियों में छोटे-बड़े नाले उफान पर रहे। सड़कों पर पानी रहने से कई मार्ग बंद रहे।
कोटा-कैथून मार्ग रहा बंद
कोटा व कैथून क्षेत्र में तेज बारिश होने से चंद्रलोई नदी उफान पर आने से कोटा-कैथून, कैथून-चौमा, कैथून मवासा रोड पर यातायात बाधित रहा। इससे कोटा रोड पर छोटे वाहनों की आवाजाही बंद कर दी। कैथून की श्रीराम नगर कच्ची बस्ती, मीरा बस्ती अन्य निचली बस्तियों में पानी भर जाने से यहां रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। कैथून की निचली बस्तियों में पालिका की ओर से लोगों को खाने के पैकेट उपलब्ध कराए गए। रेलगांव के खाळ में पानी आने से कैथून-चौमा मार्ग व मवासा रोड के खाल में पानी आने से कैथून-मवासा रोड बंद रहा।
मार्ग बदलने पड़े
सांगोद के बपावरखुर्द में परवन नदी में पानी की आवक से बारां-झालावाड़ मार्ग भी बंद हो गया। कालीसिंध नदी में पानी की आवक होने से कुंदनपुर क्षेत्र में नदी पार बसे गांवों के लोगों का संपर्क पंचायत मुख्यालय से कट गया। कोटा मार्ग के वाहन व यात्री पलायथा-राजगढ़ होकर कोटा-सांगोद पहुंचे। वहीं बारां जाने वाले यात्रियों को सोरसन-अंता होकर आवागमन करना पड़ा। झालावाड़ जाने वाले लोगों को सूमर होकर आवागमन करना पड़ा।
कोटा-श्योपुर मार्ग पर आवागमन बंद
मध्यप्रदेश में लगातार हो रही बारिश से चंबल, पार्वती व कालीसिंध नदी उफान पर है। इटावा-कोटा मार्ग पर बड़ोद के पास कालीसिंध नदी पुलिया पर लगभग पांच फीट पानी की चादर चल रही है। कोटा-श्योपुर स्टेट हाईवे 70 मार्ग पर आवागमन बंद हे। इसके चलते राजस्थान व मध्यप्रदेश का सम्पर्क कट गया। सुल्तानपुर क्षेत्र में कालीसिंध नदी में पानी की आवक होने से पुलिया डूब गई। स्टेट हाईवे 70 पर स्थित कोटा-इटावा-श्योपुर मार्ग अवरुद्ध हो गया। इससे दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। वहीं चंबल नदी में पानी की आवक होने से स्टेट हाईवे 37ए अवरुद्ध हो गया। कोटा, बूंदी, बारां सहित श्योपुर जिलों को जोडऩे वाला मार्ग बाधित हो गया। रोटेड़ा मंडवरा पुलिया पर स्थित चमलेश्वर महादेव मंदिर पानी में डूब गया। चेचट की ताकली नदी में उफान के कारण स्टेट हाई वे चेचट रावतभाटा मार्ग, खेड़ली अमजार लिंक मार्ग व मदनपुरा से रामगंजमण्डी भानपुरा मार्ग दिनभर बंद रहे। देवली कला प्रतापपुरा के नाले उफान पर रहे।