कोटा/रावतभाटा . मध्यप्रदेश में हो रही भारी बारिश के चलते सोमवार को चम्बल नदी के सबसे बड़े बांध गांधीसागर से इस सीजन में पहली बार एक साथ 14 गेट खोलकर 2 लाख 84 हजार 916 क्यूसेक पानी की निकासी की गई। गांधीसागर बांध के गेट खुलते ही राणाप्रताप सागर, जवाहसागर व कोटा बैराज के भी गेट खोल दिए गए।
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कोटा बैराज के 15 गेट खोलकर इस सीजन में सर्वाधिक 3 लाख 20 हजार 340 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है। इसके चलते जिला प्रशासन ने निचली बस्तियों में हाईअलर्ट जारी किया है। निचली बस्तियों के कई मकानों को एक बार फिर खाली करवा दिया है। इस कारण सुबह ही लोग अपने सामान समेटकर ले गए। कई बस्तियों में पानी भर गया। 2016 में कोटा बैराज के 17 गेट खोलकर 4.41 लाख क्यूसेक पानी की निकासी की गई थी। जल संसाधन विभाग के अधिशासी अभियंता पूरणचंद मेघवाल ने बताया कि गांधीसागर बांध के 9 स्लूज व 3 क्रेश गेट खोलकर 2 लाख 84 हजार 916 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है।
रविवार शाम 6 बजे तक गांधीसागर बांध के 5 गेट खोले गए थे, लेकिन मध्यप्रदेश में हो रही बारिश से पानी की अत्यधिक आवक होने से गेटों की संख्या बढ़ा दी गई। गांधीसागर के 9 स्लूज व 5 क्रेश गेट खोले गए। सोमवार शाम तक गांधीसागर बांध में 2 लाख 92 हजार 537 क्यूसेक पानी की आवक बनी हुई थी, जबकि बांध का जलस्तर 1311.40 फीट पर बना हुआ था।
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विद्युत उत्पादन जारी
अधिशासी अभियंता मेघवाल ने बताया कि बांधों में पानी की आवक देखते गांधीसागर बांध, राणाप्रताप सागर बांध व जवाहर सागर बांध के पनबिजली घरों पर विद्युत उत्पादन किया जा रहा है। राणा प्रताप सागर बांध से 13 हजार 992 क्यूसेक, गांधी सागर बांध से 6 हजार 513 व जवाहर सागर बांध से 5 हजार 20 क्यूसेक पानी निकालकर टरबाइन के माध्यम से बिजली बनाई जा रही है।
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जान जोखिम में डाल ली सेल्फी
राणा प्रताप सागर बांध पर पानी देखने के लिए सोमवार सुबह करीब 7 बजे से ही लोगों का ब्रिज साइड पर आना शुरू हो गया। इसे प्रशाासन ने गंभीरता से लिया। ब्रिज के नजदीक सुबह पुलिस के जवान लगा दिए गए, लेकिन दोपहर बाद एक भी जवान मौके पर मौजूद नहीं था। ऐसे में लोग पानी के नजदीक जाने लगे। यहां लोगों ने पानी के पास जाकर जान जोखिम में डालकर सेल्फी ली।
डेम पर भी लगी भीड़
उधर, डेम पर भी पानी देखने के लिए आमजन की भीड़ लगी रही। यहां पर लोगों ने काफी देर तक पानी का नजारा देखा। यहां भी लोग सेल्फी लेने से नहीं चुके। ब्रिज की डाउन स्ट्रीम पर भी लोगों की भीड़ रही। लोगों ने पानी जमकर अटखेलियां की।
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यह बस्तियां करवाई खाली
जिला प्रशासन के अधिकारियों द्वारा निरन्तर निगरानी रखकर मौका मुआयना भी किया जा रहा है। खाई रोड के सहारे नाले के साथ लगी बस्ती, चम्बल की निचली पुलिया चम्बल ब्रिज से नीचे जाने वाले रोड, हनुमानगढ़ी कुन्हाड़ी, बापू नगर कुन्हाड़ी, गांवडी के घाट के पास, नयापुरा हरिजन बस्ती व दोस्तपुरा में पानी बढऩे की आशंका है। वहीं नेहरू कॉलोनी, बृजराज कॉलोनी और नंदा की बाड़ी क्षेत्र में मुनादी कराई गई है।