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India’s Largest Water Tunnel: राजस्थान में पहाड़ चीरकर बन रही देश की सबसे बड़ी वाटर टनल, हजारों गांवों को मिलेगा सीधा लाभ

Good News: राजस्थान में जल आपूर्ति को मजबूत करने के लिए दो बड़ी पेयजल परियोजनाओं की शुरुआत होने जा रही है। झालावाड़ के अकावद बांध पर देश की सबसे बड़ी वाटर टनल का निर्माण अंतिम चरण में है, जो पहाड़ को चीरकर बनाई जा रही है।

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कोटा

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Akshita Deora

Mar 05, 2026

Navanera Dam

नवनैरा बांध की फोटो: पत्रिका

Hadoti News: एयरपोर्ट के पास ही सात मार्च को नौनेरा वृहद पेयजल परियोजना तथा परवन-अकावद वृहद पेयजल परियोजना के लिए भूमि पूजन भी किया जाएगा। जल जीवन मिशन के अन्तर्गत 1661.14 करोड की नोनेरा वृहद पेयजल परियोजना से कोटा एंव बूंदी जिलों के 749 गांवों एवं 6 कस्बों (कोटा जिले के 384 ग्राम एवं 3 कस्बे और बूंदी जिले के 365 ग्राम एवं 3 कस्बे) के 1 लाख 13 हजार 287 परिवारों को जल जीवन मिशन के तहत हर घर जल उपलब्ध करवाया जाएगा। वर्तमान में नौनेरा वृहद पेयजल परियोजना को 4 कार्यकारी पैकेजों में विभक्त किया गया है।

प्रथम पैकेज का 207.38 करोड का कार्यादेश 4 दिसंबर 2025 को जारी किया गया। इस पैकेज में कोटा के लाडपुरा, पीपल्दा, सांगोद तथा बूंदी जिले केशवराय पाटन एवं बूंदी के 749 ग्राम व 6 शहरों को पेयजल से लाभान्वित किया जाएगा। द्वितीय पैकेज के 200.52 करोड़ का कार्यादेश 4 दिसम्बर 2025 को जारी किया गया।

इस पैकेज के अन्तर्गत पीपल्दा के 165 गांवों (ब्लॉक इटावा के 165) एवं 1 कस्बे को लाभान्वित किया जाएगा। तृतीय पैकेज का 264.96 करोड का कार्यादेश 4 दिसम्बर 2025 को जारी किया गया। इस पैकेज में लाडपुरा के 61 ग्राम, पीपल्दा के 78 ग्राम, एक शहर, सांगोद के 80 ग्राम सहित कुल 219 ग्रामों और 2 कस्बों को लाभान्वित किया जाना प्रस्तावित है। चतुर्थ पैकेज का कार्यादेश 4 दिसम्बर 2025 को 476.50 करोड का जारी किया गया।

परवन-अकावद वृहद पेयजल परियोजना

जल जीवन मिशन के अन्तर्गत बारां, कोटा एवं झालावाड जिलों के 1402 गांवों एवं 276 ढाणियों के 1 लाख 52 हजार 437 परिवारों को जल जीवन मिशन के तहत हर घर जल उपलब्ध करवाने के लिए परवन अकावद वृहद पेयजल परियोजना में 3523.16 करोड रुपए की स्वीकृति जारी की गई। इस परियोजना को 5 कार्यकारी पैकेजों में विभक्त किया गया है। इस अकावद बांध पर देश की सबसे बड़ी वाटर टनल का कार्य भी अंतिम चरण में चल रहा है। पहाड़ को चीर कर यह वाटर टनल बनाई जा रही है। इससे बारां जिले के किसानों की भूमि सिंचित होगी।