कोटा यूनिवर्सिटी का 10वां दीक्षांत समारोह विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित हुआ। समारोह में राज्यपाल कलराज मिश्र ने वर्ष 2021 में विभिन्न संकायों, विषयों पर मेरिट प्राप्त करने वाले व पीएचडी धारकों को उपाधियां प्रदान की गई। इनमें 18 छात्रों और 42 छात्राओं कुल 60 विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल प्रदान किए गए। गत 6 वर्षों में विज्ञान संकाय में अधिकतम अंक अर्जित करने वाली पीजी विद्यार्थी साक्षी जैन को कुलाधिपति पदक एवं गत 6 वर्ष में समाज विज्ञान संकाय में अधिकतम अंक अर्जित करने वाली यूजी विद्यार्थी पूजा साहू को कुलपति पदक दिया गया। इससे पहले राज्यपाल ने यूनिवर्सिटी कैम्पस में फॉर्मेसी बिल्डिंग, गर्ल्स हॉस्टल व सिंथेटिक ट्रेक का लोकार्पण किया।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति कौशल विकास आधारित
समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल कलराज मिश्र ने कहा कि दीक्षांत शिक्षा का अंत नहीं, बल्कि नव जीवन का प्रारंभ है। मैं मानता हूं कि यह समारोह शिक्षा प्राप्त करने के बाद जीवन से जुड़ा परिष्कार पर्व है। हमारी नवीन राष्ट्रीय शिक्षा नीति है, वह भी कौशल विकास आधारित शिक्षा पर केंद्रित है। यह रोजगारोन्मुखी होने के साथ-साथ चरित्र निर्माण, ज्ञान विज्ञान व आध्यात्मिक विकास के साथ देश और समाज की सांस्कृतिक विरासत की सुरक्षा और संरक्षण से जुड़ी है। शिक्षा केवल किताबों से नहीं मिलती, वरन शिक्षा शिक्षक के आचरण और व्यवहार से अर्जित होती है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय को आह्वान किया कि विद्यार्थियों के लिए ऐसे रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रम बनाए, जिनसे रोजगार पाने में ही सक्षम नहीं हो ,बल्कि रोजगार प्रदाता बन सके। शिक्षा का मूल ध्येय ही यही होना चाहिए कि विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर बनाने में मदद करें।
शिक्षा का ध्येय मनुष्य का चारित्रिक निर्माण हो
समारोह में वनस्थली विद्यापीठ की कुलपति प्रो. ईना आदित्य शास्त्री ने कहा कि शिक्षा का ध्येय मात्र पुस्तकीय ज्ञान प्राप्त करना नहीं है। इसका मुख्य उद्देश्य है मनुष्य का चारित्रिक निर्माण, उसमें मानवीयता के लक्षणों की पुष्टि, ज्ञान के माध्यम से उसके व्यक्तित्व का विकास हो, ताकि वह समाज के लिए उपयोगी सिद्ध हो सके। कुलपति प्रो. नीलिमा सिंह ने कहा कि विवि में प्रथम अकादमिक सत्र 2004-05 में 2 पाठ्यक्रमों से शुरू हुई यात्रा वर्तमान सत्र में 35 स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों तक पहुंच चुकी है। इसी सत्र 2023-24 में एमए हिंदी और एमए अंग्रेजी पाठ्यक्रम शुरू किए है। शोध में इस वर्ष 18 नवीन विषयों में 39 नए गाइड पंजीकृत हुए हैैं। जिससे निश्चित रूप से शोध को बढ़ावा मिलेगा।
इनको मिला स्वर्ण पदक व डिग्री
समारोह में कला संकाय में 8, समाज विज्ञान में 12, विज्ञान में 12, वाणिज्य में 11, विधि में 2, शिक्षा में 9, जीव विज्ञान संकाय में 6 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक प्रदान किया गया। इसके अलावा कला, समाज विज्ञान, विज्ञान, वाणिज्य, विधि, शिक्षा और जीव विज्ञान विषयों की कुल 88 हजार 692 यूजी, पीजी, पीएचडी की डिग्री अवॉर्ड की। इनमें 43 हजार 677 छात्र और 45 हजार 15 छात्राएं हैं।