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#FlashBack :कौशल बोले..’कहिए तो बतादूं , मुझे तो केंद्र ने अधिकार दे रखा है भाई…’
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#FlashBack :कौशल बोले..’कहिए तो बतादूं , मुझे तो केंद्र ने अधिकार दे रखा है भाई…’

#FlashBack 2003 : यह कहते ही पूरे सदन में सन्नाटा छा गया और सभी कौशल की ओर उत्सुकता से देखने लगे।

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कोटा डिजिटल डेस्क. चौंक गए ना…भई हुआ तो कुछ ऐसा ही था..पर ये बात अटल के जमाने की है। साल 2003..नवंबर का महीना और टिकटों के लिए मची मारामारी के बीच भाजपा के गढ़ कोटा में युवा सम्मेलन का आयोजन लेकिन ये क्या…मंच पर ललित किशोर चतुर्वेदी, रघुवीर सिंह कौशल, कृष्ण कुमार गोयल और हरिकुमार औदिच्य जैसे पुराने और दिग्गज नेता बैठे थे। कार्यक्रम शुरू होते ही दावेदारों के समर्थकों की नारेबाजी शुरू हो गई। पूर्व मंत्री ललित किशोर चतुर्वेदी ने शांति बनाये रखने की अपील की लेकिन मामला बिगड़ता देख वे उठे बोले, ‘हम बूढ़ों में भी शक्ति की कोई कमी नहीं है, 73 साल का हूं लेकिन अभी तो मैं जवान हूं…पंजाब सभा का भवन ठहाकों से गूंज उठा।

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अरे पर बात तो टिकटों की घोषणा की थी, ये हम कहां आ गए…तो हुआ यूं कि चतुर्वेदी के बाद मंच संभाला सांसद रघुवीर सिंह कौशल ने और बोले..’देखिये मैं दो विधानसभा के उम्मीदवारों की घोषणा करने जा रहा हूं।’ यह कहते ही पूरे सदन में सन्नाटा छा गया और सभी कौशल की ओर उत्सुकता से देखने लगे। कौशल ने कहा, ‘हालांकि अभी प्रत्याशियों की घोषणा नहीं हुई है लेकिन आप कहें तो मैं उम्मीदवारों की घोषणा कर सकता हूं। केंद्र ने मुझे यह अधिकार दे रखा है’। मंच पर बैठे नेता और कार्यकर्ता एक-दूसरे की ओर देखने लगे..इतने मैं कौशल बोले, ‘कोटा और लाडपुरा से भाजपा का उम्मीदवार कमल है। यह सुनकर सभी के चेहरे पर मुस्कुराहट दौड़ गई ।’

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