कोटा. बीएसएफ के डिप्टी कमांडेंट शहीद सुभाष शर्मा के नाम से ही दुश्मनों के पसीने छूट जाते थे। आतंकी भी उन्हें ‘टेरर ऑफ टेरर’ के रूप में पीटर के नाम से संबोधित करते थे। आतंकियों ने उन्हें साजिश रचते हुए 16 जनवरी 1996 को एक साइकिल पर अपनी तरह की पहली आईईडी रखकर हमला करने की योजना तैयार की। आतंकियों ने पहली बार साइकिल पर ब्लास्ट करने का तरीका डिप्टी कमांडेंट सुभाष के लिए तैयार किया था। जैसे ही सुभाष शर्मा सड़क पर खड़ी इस संदिग्ध साइकिल को चेक करने पहुंचे, तो आंतकियों ने रिमोट से विस्फोट कर दिया। विस्फोट में देश ने एक बहादुर और जांबाज डिप्टी कमांडेंट खो दिया। देखिए खास रिपोर्ट…