
ललितपुर. आज पूरे देश के साथ साथ जनपद ललितपुर में भी 74 वां स्वतंत्रता दिवस अगाध श्रद्धा और बड़े ही धूमधाम से मनाया गया। जिसमें कोरोनावायरस को ध्यान में रखते हुए सोशल डिस्टेंसिंग का भी पालन किया गया। कलेक्ट्रेट परिसर में जिला अधिकारी योगेश कुमार शुक्ला ने अधिकारी और कर्मचारियों की मौजूदगी में बड़े ही धूमधाम से तिरंगा फहराया। वहीं रिजर्व पुलिस लाइन में पुलिस अधीक्षक कैप्टन एमएम बेग ने भी बड़े ही धूमधाम से तिरंगा फहरा कर स्वतंत्रता दिवस मनाया। इसके साथ ही एसपी ने अपने अधीनस्थ कर्मचारियों को हमेशा कर्मठ रहने की नसीहत भी दी। जनपद में कानून व्यवस्था एवं सराहनीय कार्यों में उत्कृष्टता देने वाले अधिकारी कर्मचारी डीजीपी प्रशंसा चिन्ह से सम्मानित किये गए। अधिकारी और कर्मचारियों में से उपस्थित तीन को पुलिस अधीक्षक कैप्टन एमएम बेग द्वारा प्रशस्ति पत्र व सिलबर मेडल चिन्ह प्रदान देकर सम्मनित किया गया और मिष्ठान वितरित किया गया। पु
इसके साथ ही डीएम एसपी ने सभी जनपद वासियों को 74 वें स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं और बधाइयां दी और साथ में कोरोना महामारी से बचने के लिए मॉस्क धारण करने सैनिटाइजर का प्रयोग कर सोशल डिस्टेंसिंग के पालन करने की नसीहत भी दी। ग्रामीण राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय में नहीं किया गया ध्वजारोहण:- जहां एक और समूचा देश भारतवर्ष का राष्ट्रीय पर्व 74 वा स्वतंत्रता दिवस मना रहा है तो वहीं दूसरी ओर जनपद में एक सरकारी कार्यालय ऐसा भी है जहां पर तैनात अधिकारियों ने बड़ी लापरवाही दिखाई और कार्यालय पर ध्वजारोहण नहीं किया । जबकि डीएम योगेश कुमार शुक्ला ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर सभी अधीनस्थ अधिकारी कर्मचारियों को यह निर्देश दिया था कि जनपद की सभी सरकारी गैर सरकारी संस्था में स्वतंत्रा दिवस बड़ी धूमधाम से मनाया जाएगा।
बड़ी लापरवाही का मामला बिकास खण्ड जखोरा के अंतर्गत राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय ग्राम सीरोन खुर्द और लागौन का है। बताया गया है ग्राम सिरोंन खुद का चार्ज राजकीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्सा प्रभारी अधिकारी डी पी मिश्रा स्वयं लिए हैं और ग्राम लागौन के राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय में तैनात स्वछक कम चौकीदार गुमान ने ध्वजारोहण किया वहां भी तैनात अधिकारी कार्यालय नहीं पहुंचे। इसके साथ ही राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय बालाबेहट भी लापरवाही का आलम सामने आया । जहां तैनात चिकित्सा अधिकारी डॉ इंद्रपाल सिंह नदारद रहे और एक छोटे कर्मचारी लक्ष्मी नारायण भ्रत्त ने ध्वजारोहण किया।