लखनऊ. राजधानी में एक ओर पुलिस गश्त को लेकर सख्ती बरती जा रही है। जिले के तमाम अधिकारियों को क्राइम कंटोल के लिए बदल दिया गया। लेकिन अपराधी अब भी लखनऊ पुलिस को चुनौती दे रहे हैं। वहीं जब पीड़ित खुद सबूत लेकर पुलिस के पास पहुंचता है, तो उसे अनुचित व्यवहार का शिकार होना पड़ता है। ऐसा ही मामला लखनऊ के मड़ियांव थाना क्षेत्र में देखने को मिला। एक व्यक्ति की कार चोरी की घटना सीसीटीवी में कैद हुई। जब पीड़ित खुद सीसीटीवी फुटेज लेकर पुलिस के पास पहुंचे, तो उन्हें चौकाने वाला जवाब मिला।
पुलिसकर्मी ने कहा हमारी गलती नहीं, घर के बाहर से उठी कार
पीड़ित शुशांत वर्मा अपने परिवार के साथ मड़ियांव थाना क्षेत्र के 123/14, महर्षि विस्तार आईआईएम रोड में रहते हैं। शुशांत के मुताबिक 10 जनवरी के देर रात उनके घर के बाहर खड़ी इंडिका कार कुछ चोर मिलकर उठा ले गए। सुबह जब उन्हें इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने 100 नंबर पर सूचना दी। इसके बाद पड़ोसी के घर में लगे सीसीटीवी के फुटेज लेकर अजीजनगर पुलिस चौकी पहुंचे। पीड़ित का आरोप है कि जब उन्होंने चौकी इंचार्ज से मामले में कार्रवाई करने की बात कहीं और खुद फुटेज उपलब्ध कराई, तो उनका जवाब था कि हमारी गलती नहीं है, कार घर के बाहर से उठी है।
बेटे को अस्पाल नहीं ले जा पाया पीड़ित
शुशांत वर्मा का बेटा श्रेष्ठ देर रात से तेज बुखार से तड़प रहा था, वह सुबह होने का इंतजार कर रहे थे। जब सुबह वह बेटे को अस्पताल ले जाने के लिए बाहर निकले, तब देखा उनकी कार गायब थी। इसकी वज़ह से उन्हें काफी देर तक परेशानी झेलनी पड़ी। बाद में पड़ोसियों की मदद से उन्होंने बेटे को अस्पताल पहुंचाया। वहीं जब पुलिस के पास पहुंचे तो मदद के बजाय उल्टा उन्हें ही दोषी ठहराने लगे।
मशक्कत के बाद दर्ज हुई एफआईआर
शुशांत वर्मा ने बताया कि हमने खुद चौकी पर इंचार्ज को सीसीटीवी दिलाया। इसके बाद भी उचित कार्रवाई नहीं हुई। थाना प्रभारी से मिलने के बाद उन्होंने एफआईआर लिखने के आदेश दिए। फिर एक दिन बार केस दर्ज हुआ। लेकिन अब तक फुटेज के बाद भी मामले में कार्रवाई आगे नहीं बढ़ी है।