लखनऊ. यूपी के राज्यपाल पद पर चार वर्ष पूरे होने पर राम नाईक ने आज लोगों को धन्यवाद दिया, इसी का साथ उन्होंने ‘राजभवन में राम नाईक 2017-18’ पुस्तक का विमोचन किया। वहीं उन्होंने इस मौके पर राजभवन में अपने चार साल के कामकाज का पूरा विवरण बतौर रिपोर्ट कार्ड जारी किया। उन्होंने कहा कि यूपी की जनता ने हमें बहुत प्यार दिया है। कार्यक्रम से पहले सीएम योगी ने गर्वनर से शिष्टाचार भेंट की और राज्यपाल के 4 साल के कार्यकाल पूरे होने पर उन्हें मुबारकबाद दी।
यूपी को उत्तम प्रदेश बनाना चाहते हैं राम नाईक-
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि हम यूपी को उत्तम प्रदेश बनाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि तीन बार विधायक रहा तो भी कार्यवृत्त जारी करता था। लोकसभा में भी मैं कार्यवृत्त जारी करता रहा हूँ। ऐसा करते हुए मुझे 40 साल हो गए। मेरे राजभवन के दरवाजे जनता के लिए हमेशा खुले रहेंगे। राज्यपाल ने आगे कहा कि मैं 24968 लोगों से मिला। 1.82 लाख मुझे पत्र मिले। चार साल में राज भवन में 165 कार्यक्रम किये। लखनऊ के बाहर 436 कार्यक्रमों में शामिल हुए।
सबसे ज्यादा पत्र अखिलेश को लिखे-
राज्यपाल ने आगे कहा कि सबसे ज्यादा पत्र पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को लिखे। कुल 1294 पत्र सीएम को लिखे, जिनमें से केवल 400 के करीब पत्र योगी आदित्यनाथ को लिखे। राज्यपाल मंत्रियों को भी पत्र लिखने में पीछे नहीं रहे और उन्होंने 424 पत्र मंत्रियों को लिखे।
राज्यपाल ने 15 अध्यादेश जारी किए। 42 विधेयक उनके पास आये। उसमें से 24 पास किये। उन्होंने 808 बंदियों की रिहाई याचिका पर विचार किया। 79 को समय से पहले रिहा किया। लोगों को लगता है कि राज्यपाल बनाने के बाद राजनीति से दूर करने की प्रक्रिया है। पर ऐसा नहीं है क्योंकि राज्यपाल को अपने प्रदेश जाने की ज्यादा अनुमति नहीं मिलती है। बिना दीक्षांत समारोह के बगैर डिग्री वितरित करने की व्यवस्था की है। विश्व विद्यालय में शैक्षिक कलेंडर दुरुस्त करा दिया। उन्होंने इसके आंकड़े भी पेश किए।