महासमुंद. जिले में तीन दिन से मानसून सक्रिय है। ७२ घंटे से रुक-रुक कर हो रही बारिश ने लोगों को आफत में डाल दिया है। महासमुंद से बरोंडाबाजार मार्ग पर एक बरगद का पेड़ धराशायी हो गया। इससे दिनभर आवागमन बाधित रहा। बरोंडाबाजार से लाफिनखुर्द मार्ग पर शीतली नाला उफान पर है। दिनभर दोनों गांवों का संपर्क कटा रहा। शीतली नाला पर पुल के ऊपर पानी बहने से कार व ट्रक चालकों को आने-जाने में काफी परेशानी हुई। बरोंडाबाजार और बम्हनी के लोगों को साराडीह मार्ग से घूमकर आना-जाना पड़ा। लगातार ७२ घंटे तक हुई बारिश से खेतों में लबालब पानी भर गया है। नदी-नालों का भी जल स्तर पर बढऩे लगा है। जिले में एक जून से अब तक 210 मिमी बारिश हो चुकी है। 27 जून को 67 मिमी बारिश दर्ज की गई। इधर, बारिश ने नगर पालिका की सफाई व्यवस्था की भी पोल खोलकर रख दी है। नालियों का गंदा पानी व कचरा सडक़ों पर आ गया है। बदबू से लोग परेशान हैं। सब्जी मार्केट में सबसे ज्यादा स्थिति खराब है। यहां हर साल इसी तरह का आलम रहता है। इस साल जिले में मानसून की दस्तक देर से हुई है। इससे खेती-किसानी पिछड़ गई है। खेतों में पानी भर चुका है। जिन किसानों ने बोआई शुरू नहीं की थी, उन्हें इंतजार करना पड़ सकता है। मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार निम्न दबाव का क्षेत्र उत्तरी छत्तीसगढ़ में बना हुआ है। इस कारण झमाझम बारिश हो रही है। कृषि व मौसम वैज्ञानिक दीपांशु मुखर्जी ने बताया कि जिले में मानसून सक्रिय है। 28 जून को भी यलो अलर्ट जारी किया गया है। 29 जून को लेकर अभी कोई निर्देश नहीं आया है।