मंडला. मध्य प्रदेश की अपनी जैव विविधता के कारण पूरे विश्व में प्रसिद्ध है जिसे देखने के लिए दुनिया के लोगों का आगमन मंडला जिले में होता है। यहां पर बाघ भालू चीतल, हिरण, नीलगाय, गौर, बारासिंघा जैसे अनेक वन्य प्राणियों के दीदार कर खुश होते हैं। अखिल भारतीय बाघ गणना के अनुसार मध्य प्रदेश बाघों के लिए जाना जाता है और टाइगर स्टेट कहलाता है जो की इस वर्ष बाघों की संख्या 785 हो गई है। यह धरती जितनी मनुष्य की है उतना ही अधिकार इस धरती पर रहने वाले पशु पक्षी जीव जंतुओं पेड़ पौधों की भी है। मध्य प्रदेश शासन के द्वारा एक अक्टूबर से 7 अक्टूबर तक वन्य प्राणी सप्ताह का आयोजन प्रतिवर्ष किया जाता है। इस अवसर पर राष्ट्रीय हरित कोर योजना इको क्लब के द्वारा पूरे जिले में मध्य प्रदेश शासन के मुख्यमंत्री का संदेश पढ़ कर विद्यालय के सभी बच्चों, शिक्षकों को वन्य प्राणियों को बचाने के लिए शपथ दिलाई गई। जिसमें केंद्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय, उत्कृष्ट विद्यालय, माउंट फोर्ट, महर्षि विद्या मंदिर, सरस्वती शिशु मंदिर, शासकीय हाई स्कूल नवीन शाला बिंझिया, शासकीय कन्या विद्यालय महाराजपुर में कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में डॉ उपेंद्र शुक्ला, मुकेश पांडे, कल्पना नामदेव, विभा मिश्रा, आभा चौरसिया, कमलेश अग्रहरि, सतीश श्रीवास्तव, संतोष रजक, सीएस श्याम, केएल बरमैया, मुकेश चौरसिया, अखिलेश उपाध्याय, डॉ स्वल्पा बढ़गैंया आदि का सहयोग रहा। कार्यक्रम का संयोजन आरके क्षत्रीय पर्यावरण सदस्य ने किया।