10 फ़रवरी 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

मंदसौर

video राहत भरी खबर. भैंसोदावासियों को जलसंकट से मुक्ति देगा चंबल का नीर

राहत भरी खबर. भैंसोदावासियों को जलसंकट से मुक्ति देगा चंबल का नीर

Google source verification

भैंसोदा.
चंबल किनारे बसे होने के बाद भी लंबे समय से जलसंकट भोग रहे भैंसोदावासियों के लिए राहत भरी खबर है कि जल्द जलसंकट खत्म होगा। नगर का दर्जा मिलने के बाद से जलसंकट खत्म नहीं हुआ। लेकिन अमृत-२ योजना से चंबल का पानी भैंसोदा के लोगों के घर पहुंचेगा और जलसंकट का स्थायी समाधान होगा। ११ करोड़ ६३ लाख ६१ हजार रुपए की योजना से काम होगा। इसके टेंडर भी जारी हो गए। अगले साल से ही चंबल का पानी सप्लाई होकर घरों तक आएगा और जलसंकट दूर होगा। नप क्षेत्र की जनता पेयजलापूर्ति के इंतजाम की बाट जोह रही थी। कई बार जनप्रतिनिधियों से चंबल का पानी नगर में लाने की मांग भी की। लेकिन आश्वासन ही मिले लेकिन अब इसकी टेंडर प्रक्रिया हो चुकी है।


यह है अमृत 2- जल प्रदाय योजना, पंप हाऊस की मिलेगी सौगात
नगर में जल समस्या का स्थायी हल करने के लिए अमृत 2 जल प्रदाय योजना में नगर में जल निगम ने चंबल के पानी की सप्लाय देने के लिए एक पॉइंट दिया जाएगा। ऐसे में जल का स्टॉरेज करने के लिए नप ने सम्पवेल फॉर कलेक्टिंग क्लीयर वाटर पंप हाऊस का निर्माण करने के लिए टेंडर जारी किए है। टेंडर प्रकिया अंतिम चरणों में चल रही है। इसमें करीब 11 करोड 63 लाख 61 हजार की लागत से पूरे ही पंप हाऊस का निर्माण होगा तो वहीं नई पेयजल टंकियो का निर्माण भी नगर होगा। ऐसे में सब कुछ ठीक रहा तो आगामी साल में नगरीय क्षेत्र के लोगों को चंबल का पानी मिलने लगेगा और जल संकट से भी छुटकारा मिलेगा।
1 हजार क्षमता वाली 3 नई टंकियो का होगा निर्माण
पूरी योजना में नगरीय क्षेत्र में 3 नई टंकियों का निर्माण भी होगा। जिनकी कुल क्षमता करीब 10 लाख लीटर होगी। इनमे 1 टंकी भैंसोदा में कचहरी चौक, 1 मालीपुरा में ओर 1 टंकी भैंसोदामंडी में पुलिस चौकी के पास बनाई जाना प्रस्तावित है। पंप हाउस से पाईप लाइन के माध्यम से टंकियों को भरा जाएगा तो वही भैंसोदामंडी, मालीपुरा के लिए भी पाइप लाइन से ही टंकियो तक सप्लाय दी जाएगी। वर्तमान में नप क्षेत्र में कुल 4 टंकिया है जिनमे 2 भैंसोदा 1 मालीपुरा ओर 1 भैंसोदा मंडी में है। जिनसे पेयजल सप्लाई होता है। ऐसे में जब 3 नई टंकियां पर्याप्त क्षमता वाली बनेगी तो नगर के वार्डो, मोहल्लों में जलापूर्ति पर्याप्त होगी।
7 से 8 शासकीय कुओं पर निर्भर नगर की पेयजल व्यवस्था
करीब 25 से 30 हजार की आबादी वाले नगर की पेयजल व्यवस्था वर्तमान में 7 से 8 शासकीय कुओं पर निर्भर है जो कि अस्थायी है। इन कुंओं का पानी एक दूसरे कुंओं में पाईप लाइन के माध्यम से एकत्रित कर नगर में एक दिन छोडक़र पेयजल सप्लाई होता है। भीषण गर्मी आते आते तो ये कुए भी दम तोडऩे लगते है। गर्मी के दिनों में तो नगरीय क्षेत्रवासियों को 5 से 6 दिन में पेयजल सप्लाई होता है वो भी 40 से 45 मिनट तक।
नगर परिषद इंजीनियर प्रवीण सिंह परमार ने बताया कि पंप हाऊस के निर्माण के लिए जगह का चयन किया है। नगर के अमरपुरा की खाली पड़ी शासकीय भूमि पर होगा। जहां भानपुरा की ओर से जल निगम जो पाइप लाइन बिछा रहा है उसके समीप गांव गोविंदखेड़ा होते हुए सीधे कच्चे मार्ग से रूपा नदी के रास्ते अमरपुरा तक पहुंचेगी। यहां जल निगम पांईट देगा। जब तक जल निगम का कार्य पूर्ण नहीं हो जाता तब तक नदी एवं कुओं से पानी पंप कर जलापूर्ति की जाएगी।
इनका कहना….
सम्पवेल पंप हाऊस निर्माण के लिए टेंडर जारी किए है ठेकेदारों से प्राप्त कार्य की दरों की जांच से संबंधित फाइल उज्जैन एवं भोपाल भेजी गई है। प्रक्रिया पूरी होने के बाद 1 साल में पंप हाऊस तैयार करने की कोशिश है।-प्रवीण सिंह परमार, इंजीनियर नगर परिषद भैंसोदा।