मऊ. स्वास्थ्य सुविधाओं को जन-जन को मुहैया कराने के लिए सरकार करोड़ों का भारी भरकम बजट खर्च करता है। लेकिन फिर भी यूपी के सरकारी अस्पताल की हालत में कोई सुधार नहीं है। वह खुद बीमार पड़े हुए हैं। ऐसा ही मामला यूपी के मऊ जिला के घोसी तहसील क्षेत्र के अमिला नगर पंचायत के राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल का है जो बदहाली के आंसू बहा रहा है। इस नगर पंचायत का गठन अंग्रेजो ने 1928 में किया था। जो अब जर्जर हो चुका है। अस्पताल के बिल्डिंग की स्थिति इतनी दयनीय है कि यहां काम करने वाली फर्मासिस्ट डरी रहती हैं कि कहीं कोई अनहोनी न हो जाय। यहां पर डॉक्टर हफ्ते में सिर्फ तीन दिन आते हैं। अस्पताल में तैनात फर्मासिस्ट गिरिजा मौर्या का कहना है कि कभी भी काम करने के वक्त भी सीमेंट छुटकर गिरता है। डर बना रहता है कि कहीं कोई अनहोनी न हो। यहां पर काम करना खतरा भरा रहता है जिसकी शिकायत कई बार हम लोग उपर अधिकारियों तक करते हैं लेकिन अफसोस किसी तरह की कोई सुनवाई अब तक नहीं हुई ।
अंग्रेजों के समय का बना था राजकीय अस्पताल
मऊ जिला के घोसी तहसील क्षेत्र के अमिला नगर पंचायत जिले की सबसे पुरानी नगर पंचायत है । इस नगर पंचायत का गठन अंग्रेजो ने 1928 में किया था । अमिला को शहीदो की धरती के नाम से जाना जाता है कई स्वतन्त्रा सेनानी भी हुए जिनके नाम पर क्षेत्र के विकास का वादा किया जाता है यहां राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल दसको पहले बना था। लेकिन रखरखाव और प्रशासन के वेरुखी रवैये के वजह से बदहाल और जर्जर होता गया। अस्पताल में तैनात फार्माशिष्ट के भरोसे यह राजकीय अस्पताल चलता है। यहां पर डॉक्टर हफ्ते में तीन दिन आते है । क्योंकि डॉक्टर के ऊपर दो-दो अस्पतालों का चार्ज रहता है। फिलहाल अस्पताल में तैनात फार्माशिष्ट अत्पताल में आने वाले मरीजों को इलाज बेहद शिद्दत से करते हैं। इतना ही नहीं दिन भर में इस सरकारी अस्पताल में तीस पैतीस ओपीडी होती है। अस्पताल में आने वाले मरीज तो दवा लेकर चले जाते हैं। लेकिन यहां पर तैनात फार्माशिष्ट गिरजा मौर्या बताते है कि अस्पताल की बिल्डिगं बेहद ही कमजोर और जर्जर है आए दिन दिन बिल्डिगं की छत का प्लास्टर टूट कर जमीन पर और कभी कभी ऊपर गिर जाता है । यहां पर काम करना खतरा भरा रहता है जिसकी शिकायत कई बार हम लोग ऊपर अधिकारियों तक करते है लेकिन अफसोस किसी तरह का कोई सुनवाई या फिर कार्यवाई नही होता है। काम करने में डर लगा रहता है ।
मुख्यचिकित्साधिकारी ने कहा-बेहद खराब है स्थिति
जिले के बदहाल सरकारी अस्पतालो के बाबत मुख्यचिकित्साधिकारी बताते है कि मैंने अभी ही अमिला राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल का निरिक्षण किया है जिसकी स्थित बेहद खराब है । जिसको देखने के बाद हमने एक टेक्निकल टीम को बनाया है। जो वहां पर जाकर निरीक्षण कर यह बताने का काम करेगी बिल्डिगं की क्या स्थिति है । इसके साथ ही शासन स्तर से भी बदहाल अस्पालो के बिल्डिगो को जांच कर रिपोर्ट देने को कहा गया है । जिसके बाद ऐसे जर्जर अस्पातालों की बिल्डिगों को बनाने का काम किया जाएगा ।
BY- Vijay Mishra (Mau)