नई दिल्ली। पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए सेना प्रमुख जनलर बिपिन रावत ने बुधवार को कहा कि करतारपुर गलियारे की पहल को अलग रूप में देखा जाना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने केंद्र के रुख पर याद दिलाया कि आतंकवाद और वार्ता दोनो साथ-साथ नहीं हो सकते। रावत ने मीडिया को यहां बताया कि लोग कह रहे हैं कि शांति का एक मौका देना चाहिए, कुछ किया जाना चाहिए लेकिन देखिए हमारी सरकार ने क्या कहा है।” बता दें कि इमरान की अपील के साथ एक खालिस्तानी गोपाल चावला के करतारपुर गलियारे के उद्धघाटन के दौरान पाकिस्तान सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा के साथ दिखाई दिए जाने को लेकर पूछे गए सवाल पर सेना प्रमुख बिपिन रावत ने यह बात कही। रावत ने कहा कि इसको अलग रूप में देखे जाने की जरूरत है, करतारपुर को अलग नजरिये से देखा जाना चाहिए, इसको किसी और से मत जोड़िए। यह एकतरफा फैसला है और इसका किसी अन्य चीज से कोई संबंध नहीं है