तिरुवनंतपुरम: बाढ़ के चलते इस साल ओणम त्योहार को केरल में नहीं मनाया जा रहा है। सरकार ने बाढ़ के कारण ओणम त्योहार नहीं मनाने का फैसला किया है। हालांकि राज्य के कुछ इलाकों में इस त्योहार को मनाया जा रहा है। तिरुवनंतपुरम में ओणम त्योहार को मनाया जा रहा है। दस दिनों तक चलने वाला यह त्योहार इस साल धूमधाम से नहीं मनाया जा रहा है। इन सबके बीच इस प्रमुख त्योहार के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने बधाई दी है। पीएम ने कहा कि केरल के लोगों के साथ पूरा देश खड़ा है। पीएम ने ट्वीट कर लिखा कि ‘ओणम का यह त्योहार केरल के लोगों को पिछले कुछ दिन से उनके सामने आ रहीं विपत्तियों से उबरने की और अधिक शक्ति प्रदान करें।’ उन्होंने आगे लिखा कि कि पूरा देश केरल के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है और वहां के नागरिकों की खुशहाली तथा समृद्धि की प्रार्थना करता है’।
लोगों ने मंदिरों में की पूजा
वहीं तिरुवनंतपुरम में बड़ी संख्या के लोगों ने ओणम उत्सव पर मंदिरों में पूजा अर्चना की। भागवत मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला शुरू हो गया था। श्रद्धालुओं ने प्रभु से प्रदेश में आई विनाशकारी बाढ़ से रक्षा करने की प्रार्थना की।
ओणम पर्व रद्द करने का लिया गया फैसला
गौरतलब है कि पिछले दिनों मुख्यमंत्री विजयन ने कैबिनेट बैठक के बाद बताया था कि ओणम के लिए दिए जाने वाले पैसे को राहत के लिए इस्तेमाल किए जाएंगे। विजयन ने कहा कि कैबिनेट ने राहत और पुनर्वास कार्यक्रम को शीघ्र लागू करने के लिए एक मंत्रिमंडलीय उपसमिति के गठन का फैसला किया। उन्होंने कहा, “तीन से 15 सितंबर तक विशेष अदालतें स्थापित की जाएंगी, ताकि जिन लोगों ने अपने मूल्यवान दस्तावेज खोए हैं, उन्हें मुफ्त में उनकी प्रतियां दी जा सकें।” विजयन ने कहा, “हमने राज्यस्तर की बैंकर समितियों से यह भी देखने को कहा कि कब मुआवजा राशि हस्तांतरित की गई। साथ ही उसके ऊपर किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाना चाहिए।”