चेन्नई: सबरीमला पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ विरोध प्रदर्शन जारी है। इस सिलसिले में रविवार को चेन्नई में भगवान अयप्पा भक्तों ने मार्च निकालकर विरोध दर्ज कराया।इस दौरान भक्तों ने मंदिर में प्रवेश करने की पुरानी परंपरा को सही बताया। भक्त मंदिर में सौ साल पुरानी परंपरा को सही ठहरा रहे हैं। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश दीपाक मिश्रा की अध्यक्षता में पांच न्यायाधीशीय संविधान पीठ ने 28 सितंबर को मंदिर में सभी आयु वर्ग की महिलाओं के प्रवेश पर एक शताब्दी लगा पुराना प्रतिबंध हटा दिया था। जिसके बाद शीर्ष कोर्ट के फैसले का विरोध प्रदर्शन जारी है। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को महिलाओं को मंदिर में प्रवेश करने की इजाजत देने के सबरीमाला के फैसले की समीक्षा मांगने के लिए एक तत्काल याचिका भी खारिज कर दी।
सुप्रीम फैसले का विरोध जारी
गौरतलब है कि हाल ही में केरल के सबरीमला मंदिर में महिलाओं को प्रवेश की इजाजत दिए जाने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ भगवान अयप्पा के भक्त नाराज चल रहे हैं। दिल्ली और तमिलनाडु के चेन्नई में किए गए इन प्रदर्शनों में महिलाओं ने भी हिस्सा लिया। भक्तों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर अयप्पा नामा जाप यात्रा निकाली वहीं, चेन्नई में कोडम्बक्कम हाई रोड से महालिंगपुर श्री अयप्पा मंदिर तक विरोध मार्च निकाला था। दोनों महानगरों में भारी संख्या में अयप्पा के भक्त शामिल हुए थे। इससे पहले केरल में भी इस बात को लेकर प्रदर्शन हो चुका है। इस प्रदर्शन में महिलाएं भी शामिल हुईं थीं। केरल के एक रॉयल फैमिली ने भी फैसले का विरोध किया है।