
नई दिल्ली। बीजिंग में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने सोमवार को भारत और चीन की मित्रता में हिंदी का योगदान विषय पर आयोजित एक परिचर्चा में शिरकत की। इस कार्यक्रम में बोलते हुए स्वराज ने दोनों देशों की भाषा को समझने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि चीन के साथ बेहतर संबंधों की राह में हिंदी एक कारगर माध्यम है। उन्होंने कहा कि हिंदी को बढ़ावा देने से दोनों देशों के बीच आपसी समझ को भी बढ़ावा मिलेगा। इससे दोनों पक्षों को एक-दूसरे को बेहतर तरीके से समझने में भी मदद मिलेगी।