
नई दिल्ली. सीरिया में संकट अभी भी बरकरार है, क्योंकि यूएस ट्रूप अब भी सीरिया में ही है। इस सिलसिले में यूएस ने साफ किया है कि जब तक हम अपने लक्ष्य को प्राप्त नहीं कर लेते तब तक यूएस ट्रूप सीरिया से रवाना नहीं होंगे। संयुक्त राष्ट्र में यूएस की राजदूत निक्की हेली ने कहा जब तक हमारा मिशन पूरा नहीं हो जाता तब तक ट्रूप को वापस नहीं बुलाया जाएगा। हेली ने कहा जब तक ये साफ नहीं हो जाता कि रसायनिक हथियारों का दोबारा इस्तेमाल नहीं होगा तब तक हम सीरिया को नहीं छोड़ेंगे। इसके अलावा इस्लामिक स्टेट को पराजित करने के बाद ईरान की हरकत पर भी नजर रखी जाएगी।
रूस पर प्रतिबंध लगा सकता है अमरीका
इससे पहले सीरिया के कथित रसायनिक हमले को लेकर अमरीका उसके सहयोगी देश रूस पर नए प्रतिबंध लगा सकता है. संयुक्त राष्ट्र में अमरीकी दूत निक्की हेली ने रविवार को कहा कि इन प्रतिबंधों के जरिए उन कंपनियों को निशाना बनाए जाएगा जिन्होंने सीरिया के शासन को ये रसायनिक हथियार उपलब्ध कराए थे. हेली ने सीबीएस के कार्यक्रम को दिए एक इंटरव्यू में कहा, आप जल्द ही रूस पर लगने वाले प्रतिबंधों को देखेंगे. मंत्री स्टीव नूचिन सोमवार यानी 16 अप्रैल को इसकी घोषणा कर सकते हैं।
रूस ने जताई थी नाराजगी
आपको बता दें कि रूस के विदेश मंत्रालय ने शनिवार को कहा कि सीरिया पर पश्चिमी देशों के हमले ऐसे समय में हुए हैं जब देश के पास शांतिपूर्ण भविष्य का मौका था. विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने फेसबुक पर लिखा, इन सबके पीछे जिम्मेदार लोग दुनिया में नैतिक नेतृत्व का दावा करते हैं और यह ऐलान करते हैं कि वे कुछ अलग हैं. आपको उस समय सीरिया की राजधानी पर हमले करने के लिए वास्तव में अलग होने की जरूरत है जब उसके पास शांतिपूर्ण भविष्य का मौका था.