16 अप्रैल 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

नागौर
Nagaur patrika…ग्राम पंचायतों के पुर्नगठन को लेकर भडक़े ग्रामीणों ने दिया ज्ञापन…VIDEO
Play video

Nagaur patrika…ग्राम पंचायतों के पुर्नगठन को लेकर भडक़े ग्रामीणों ने दिया ज्ञापन…VIDEO

नागौर. ग्राम पंचायतों के पुर्नगठन को लेकर असंतोष के स्वर मुखर होने लगे हैं। ग्राम बामणियाला, ग्राम गोगानाडा एवं ग्राम कर्मसोता को लेकर ग्रामीणों ने जिला कलक्टर को ज्ञापन दिया। ग्राम गोगानाडा के ग्रामीणों में मंगलराम, चूनाराम, आशा एवं ओंकार सिंह आदि ने कहा कि उनको पता चला है कि ग्राम पंचायत सींगड़ के राजस्व […]

Google source verification

नागौर. ग्राम पंचायतों के पुर्नगठन को लेकर असंतोष के स्वर मुखर होने लगे हैं। ग्राम बामणियाला, ग्राम गोगानाडा एवं ग्राम कर्मसोता को लेकर ग्रामीणों ने जिला कलक्टर को ज्ञापन दिया। ग्राम गोगानाडा के ग्रामीणों में मंगलराम, चूनाराम, आशा एवं ओंकार सिंह आदि ने कहा कि उनको पता चला है कि ग्राम पंचायत सींगड़ के राजस्व ग्राम गोगानाडा को ग्राम पंचायत सींगड़ से अलग कर दूसरे ग्रामों मिलाकर नवीन ग्राम पंचायत गठन करने के बाबत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया है। इससे ग्राम गोगानाडा के रहसासी सहमत नहीं है। गत 12 फरवरी को ग्राम पंचायत सींगड़ की ग्राम सभा की ओर से गोगानाडा को ग्राम पंचायत सींगड़ में यथावत रखे जाने के लिए प्रस्ताव भी पारित किया। ग्राम सींगड़ निवासियों की भी इसमें सहमति है। ऐसे में इसे यथावत रखा जाना चाहिए। इसी तरह ग्राम पंचायत बामणियाला के ग्रामीणों ने भी ग्राम बामणियाला को ग्राम पंचायत दोतीणा में ही यथावत रखे जाने की मांग की है। ग्रामीणों में खींवसिंह, दूदाराम, श्रवणराम, पन्नाराम, जेठाराम एवं कानाराम ने कहा कि ग्राम बामणियाला से भोमासर ग्राम पंचायत की दूरी आठ किलोमीटर है, जबकि ग्राम पंचायत दोतीणा से केवल दो किलोमीटर है। भोमासर में इसे शामिल किए जाने पर ग्रामीणों को मुश्किल होगी। इसके साथ ही सरकार की नई गाइडलाइन के अनुसार भी इसको भोमासर में शामिल करना असंगत है। ग्राम बूकर्मसोता के ग्रामीणों ने भी ग्राम बूकर्मसोता को ग्राम पंचायत छीला में यथावत रूप से रखे जाने की मांग की है। ग्रामीणों में अरुण सिंह, महेन्द्र सिंह, जेठमल, प्रकाश, मनीष, गोमाराम, कानाराम आदि ने कहा कि बूकर्मसोता को अन्य ग्राम पंचायत में मिलाने की स्थिति में ग्रामीणों को बेहद मुश्किल स्थिति का सामना करना पड़ेगा।