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जीएसटी बदलाव: रोजमर्रा की जरूरतें हुईं सस्ती, आमजन की जेब पर पड़ेगा सीधे असर, मिलेगी राहत
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जीएसटी बदलाव: रोजमर्रा की जरूरतें हुईं सस्ती, आमजन की जेब पर पड़ेगा सीधे असर, मिलेगी राहत

नागौर

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Sharad Shukla

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Updated: 4 Sep 2025, 10:20 PM IST

नागौर. जीएसटी में किए गए बदलावों का असर अब बाजारों में बाजारों में नजर आएगा। अब वो रोजमर्रा के सामान जो पहले महंगे लगते थे, वह अब सीधे तौर पर सस्ते मिलेंगे। खासकर दूध, छेना, पनीर, ब्रेड, खाखरा और रोटी जैसे रोज इस्तेमाल होने वाले खाद्य पदार्थों पर जीएसटी पूरी तरह खत्म होने से घरों का बजट किफायती होगा।
दूध-छेना से लेकर ब्रेड तक, सीधे घर की थाली तक बचत
जीएसटी में हुए बदलाव से अब दूध और डेयरी उत्पादों की कीमतों में साफ फर्क दिखने लगेगा। जैसे- जैसे ये चीजें सस्ती होंगी, वैसे-वैसे हर घर की थाली में राहत आएगी। खेतों से लेकर घरों तक, जहां हर परिवार की रोजाना खपत में ये चीजें शामिल हैं।अब हर नागौरी परिवार की जेब थोड़ी हल्की होगी।
जूते-कपड़े खरीदने वालों के लिए बड़ी खबर
नागौर की गलियों और बाजारों में सस्ते और अच्छे कपड़े खरीदना अब आसान होगा। 2,500 रुपए तक के जूते और कपड़ों पर टैक्स घटकर सिर्फ 5 प्रतिशत रह गया है। इसका मतलब है कि अब बच्चों के स्कूल के लिए नए जूते या त्योहार के कपड़े खरीदना परिवारों के लिए कम बोझ वाला होगा।
मकान बनाने वाले और गृह सज्जा के शौकीनों के लिए खुशखबरी
नागौर में जो लोग मकान बना रहे हैं या नया फर्नीचर खरीदने की सोच रहे हैं, उनके लिए सीमेंट, साइकिल, लकड़ी के फर्नीचर और घरेलू सामानों पर टैक्स कम होने से सीधे तौर पर लागत कम होगी। इसका असर साफ तौर पर घरों की लागत घटने में दिखेगा, जिससे नागौर के घर और बाजार दोनों में तरक्की होगी।
पान-मसाला, तंबाकू महंगे, सेहत के लिए राहत
जहां आम चीजें सस्ती हुई हैं, वहीं पान मसाला, तंबाकू और सिगरेट जैसे हानिकारक सामानों पर अब 40 प्रतिशत टैक्स लगाया गया है। परिवारों के लिए यह राहत की बात है क्योंकि इससे न केवल महंगाई बढ़ेगी बल्कि इन वस्तुओं का कम इस्तेमाल होगा। जिससे स्वास्थ्य पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा।
छोटे दुकानदार और व्यापारियों को मिली नई उम्मीद
नागौर के छोटे दुकानदारों के लिए टैक्स फाइलिंग और रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया अब और आसान होगी। इससे उनका कारोबार सुचारू रूप से चलेगा और वे जल्दी-जल्दी अपने व्यापार को बढ़ा पाएंगे। छोटे-छोटे व्यवसायों को राहत मिलने से नागौर के बाजारों में नई ऊर्जा का संचार होगा।
आम आदमी को इसका मिलेगा सीधा फायदा
जीएसटी में हुए बदलाव में रोजमर्रा की चीजें जैसे दूध, पनीर, ब्रेड अब पहले से सस्ती मिलेंगी। त्योहार और स्कूल के मौसम में कपड़ों और जूतों की खरीद आसान होगी। घर बनाने वालों को किफायती सामग्री मिलेगी। तंबाकू और पान मसाले के बढ़े हुए दाम से सेहत बेहतर होगी। छोटे दुकानदारों का काम आसान होगा, जिससे रोजगार भी बढ़ेगा।
इलेक्ट्रॉनिक सामान भी मिलेंगे सस्ते
जीएसटी में हुए बदलाव में एसी, फ्रिज, बड़े टेलीविजन, डिशवॉशर जैसे इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों पर लगने वाला जीएसटी अब 28 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया है। इसके अलावा मोबाइल फोन, लैपटॉप, स्मार्टवॉच और पावर बैंक जैसे उपकरणों पर जीएसटी दर 18 प्रतिशत से घटाकर 12 प्रतिशत कर दी गई है। इन बदलावों के चलते त्योहारों से पहले इलेक्ट्रॉनिक बाजार में कीमतों में 8 से 10 प्रतिशत तक गिरावट आने की उम्मीद है।

व्यापारी बोले
सीधे बिकने वाले मसाले व अनाज, जो की सीधा क्लीनिंग प्रोसेसिंग कर बिकने वाले उत्पादों के के साथ ही कृषि उत्पादों पर जीरो स्लेब में कर देते तो किसानों को अच्छा मूल्य मिल जाता। क्यों कि जीएसटी का भार किसानों पर ही पड़ता है। इससे किसानों को फायदा होता ।
बनवारीलाल अग्रवाल, संरक्षक लघु उद्योग भारती
किराना की चीजों पर जीएसटी कम होने से बाजार निश्चित रूप से बढ़ेगा, लेकिन राज्य सरकार ओर से मंडी के अंदर से खरीदे वाले सामान पर अलग से कर लगाकर बाजार के ढांचे को ही खत्म किया जा रहा है।
अनिल बांठिया, किराना व्यापारी
इलेक्ट्रानिक्स उत्पाद पर जीएसटी घटी है तो निश्चित रूप से बाजार को इसका फायदा मिलेगा। बाजारों में सामानों की खरीद बढ़ेगी तो व्यापार को भी गति मिलेगी। इससे खरीदार व व्यापार दोनों के लिए अच्छा रहेगा।
राजेश रावल, इलेक्ट्रानिक्स व्यवसायी

क्या कहते हैं विशेषज्ञ
जीएसटी विशेषज्ञ कुलदीप जालान बताते हैं कि जीएसटी में हुए बदलावों का बाजार पर सकरात्मक असर पड़ेगा। खाद्य सामग्री से लेकर कपड़े तक पर जीएसटी घटा दी गई है तो निश्चित से बाजार को गति मिलेगी।