नागौर. डिस्कॉम ने बिजली बिल की बकाया राशि को लेकर शहर में सख्ती का अभियान शुरू कर दिया है। सरकारी विभागों पर करोड़ों रुपये की देनदारी लंबित होने के बावजूद कार्रवाई की धार अब छोटे उपभोक्ताओं की ओर मोड़ दी गई है। जिन घरेलू उपभोक्ताओं पर 1 हजार रुपए से अधिक बकाया है, उनका कनेक्शन काटने के निर्देश जारी किए गए हैं। आदेश के बाद आम उपभोक्ताओं में असमंजस की स्थिति बन गई है।
आम उपभोक्ता को नहीं मिलेगी राहत
डिस्कॉम के बिजली बिल की बकाया राशि सरकारी विभागों पर करोड़ों में है, लेकिन विभाग उनकी बत्ती तो गुल नहीं कर पाया, मगर जिन उपभोक्ताओं के एक हजार रुपए से ज्यादा की बकाया राशि है तो उनकी बत्ती अब गुल कर देगा। उच्चाधिकारियों से मिले फरमान के बाद अब सहायक अभियंता कैलाश जैन ने भी मंगलवार को कनिष्ठ अभियंताओं के साथ फीडर इंचार्जों की बैठक ली, और इसमें स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं कि जिन घरेलू उपभोक्ताओं पर 1000 रुपये से अधिक बकाया है, उनका कनेक्शन काट दिया जाए। आदेश के बाद शहर में हडक़ंप की स्थिति है, क्योंकि छोटे बकाया पर भी अब राहत की कोई गुंजाइश नहीं छोड़ी गई है। सहायक अभियंता जैन ने कनिष्ठ अभियंताओं और फीडर इंचार्जों को निर्देश दिए हैं कि उपभोक्ताओं का लगातार दूसरा बिल भी जमा नहीं है, उनके खिलाफ बिना अतिरिक्त चेतावनी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
191.50 लाख रुपये की रिकवरी लंबित
डिस्कॉम के जनवरी तक के आंकड़ों के अनुसार 2209 घरेलू उपभोक्ताओं पर 108.77 लाख रुपये बकाया हैं। 762 वाणिज्यिक उपभोक्ताओं पर 67.63 लाख रुपये लंबित हैं। एलटी, एमडी और एचटी श्रेणी में करीब 15 लाख रुपये अलग दर्ज हैं। कुल मिलाकर 191.50 लाख रुपये की वसूली अटकी हुई है। इन सभी श्रेणियों को मिलाकर 2971 उपभोक्ता सूची में चिन्हित किए गए हैं।
दस टीमें मैदान में, घर-घर जांच
वसूली अभियान को तेज करने के लिए शहर क्षेत्र में दस टीमें गठित की गई हैं। प्रत्येक टीम को क्षेत्रवार जिम्मेदारी सौंपी गई है। पुराने कटे कनेक्शनों की बकाया राशि वसूलने के लिए चार अलग टीमें बनाई गई हैं। इंजीनियरिंग सुपरवाइजरों को फीडर इंचार्ज के साथ घर-घर जांच कर अवैध कनेक्शन मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
लक्ष्य पूरा नहीं तो गिरेगी गाज
बैठक में यह भी स्पष्ट कर दिया गया कि यदि निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप वसूली नहीं हुई तो संबंधित अधिकारियों और कार्मिकों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। उच्चाधिकारियों की निगरानी में यह अभियान चरणबद्ध तरीके से चलेगा। फिलहाल छोटे बकायेदारों के लिए स्थिति कठिन हो गई है, क्योंकि मामूली बकाया भी अब बिजली कटौती का कारण बनेगा।
नहीं मिलेगी राहत…कार्यवाही भी करेंगे
उपभोक्ताओं का एक हजार रुपया से अधिक बकाया राशि है तो उनको तुरन्त विद्युत उपभोग का भुगतान करना होगा, नहीं तो उनके कनेक्शन विच्छेद कर दिए जाएंगे। इसमें किसी को कोई राहत नहीं मिलेगी।
कैलाश जैन, सहायक अभियंता, अजमेर विद्युत वितरण निगम-नागौर