नागौर. प्रधान डाकघर नकासगेट इन दिनों आधार केन्द्र में तब्दील हो गया है। नए आधार कार्ड बनवाने और अपग्रेडेशन करवाने वालों की भीड़ इतनी बढ़ गई है कि हालात संभालना मुश्किल हो गया है। इतनी ज्यादा भीड़ की वजह से अन्य कार्यों के लिए यहां आने वालों को भी अब मुश्किल होने लगी है। मंगलवार को भी यहां सुबह से ही लोग घंटों लाइन में खड़े रहे। स्थिति यह रही कि लाइनें कार्यालय से निकलकर सीधे सडक़ तक पहुंच गईं। पैदल चलना और वाहनों का निकलना तक मुश्किल हो गया। कतार में खड़े लोगों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि रोजाना यही हाल रहता है, लेकिन डाकघर प्रशासन बेपरवाह बना हुआ है। सवाल उठाया गया कि इतनी भीड़ होने के बाद भी डाकघर में पर्याप्त काउंटर क्यों नहीं बढ़ाए जाते हैं। विभाग की ओर से आधार बनवाने के लिए केवल ४० लोगों को ही टोकन क्यों दिए जाते हैं।
व्यवस्थाएं चरमराई
आधार बनवाने और अपग्रेडेशन के लिए उमड़ी भीड़ में सबसे ज्यादा परेशानी बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को उठानी पड़ रही है। कई लोग धूप और उमस में बेहाल हो जाते हैं, लेकिन डाकघर में न तो पानी की व्यवस्था है, न शेड और न ही बैठने की। मजबूरी में लोग सडक़ पर लाइन बनाकर खड़े रहते हैं, जिससे शहर की यातायात व्यवस्था भी चरमराने लगी है।
विभाग का दावा, हकीकत में अव्यवस्था
भीड़ में खड़े जुंजाड़ गांव से आए धन्नाराम ने बताया कि वह तडक़े तीन बजे ही पहुंच गए थे, क्योंकि यहां तो सुबह पांच बजे आने पर भी लंबी लाइन मिल जाती है। उन्होंने कहा कि विभाग की ओर से सिर्फ 40 लोगों को ही टोकन दिए जाते हैं, जबकि बनवाने वालों की संख्या चार-पांच गुना ज्यादा रहती है। जायल क्षेत्र के मनसुख का कहना था कि वह रात ढाई बजे ही आ गए थे। वहीं बासनी से आए शौकत अली ने कहा कि वह पिछले चार-पांच दिनों से रोज आ रहे थे। मंगलवार को भी सुबह सात बजे लाइन में लगे, लेकिन अभी तक आधार नहीं बन पाया।
भीड़ बढ़ी, टोकन घटे, उठ रहे यह सवाल
रोजाना सैकड़ों लोग लाइन में लगते हैं, पर विभाग केवल 40 टोकन ही जारी करता है। समय पर पहुंचने के बावजूद ज्यादातर लोग निराश होकर लौट जाते हैं। भीड़ संभालने की कोई ठोस व्यवस्था नहीं होने से लोग रात दो-दो बजे से लाइन में लगने को मजबूर हैं।
इनका कहना है…
आधार कार्ड बनवाने का समय अब सुबह सात से शाम सात बजे तक कर दिया जाएगा। इसके लिए कर्मचारियों की ड्यूटी शिफ्टवार लगाई जाएगी।
रामावतार सोनी, जिला डाक अधीक्षक, नागौर