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Nagaur patrika…करोड़ों का राजस्व देने वाले यात्रियों का गड्ढा जिला बस स्टैंड में होता सफर…VIDEO
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Nagaur patrika…करोड़ों का राजस्व देने वाले यात्रियों का गड्ढा जिला बस स्टैंड में होता सफर…VIDEO

नागौर. जिला मुख्यालय के केन्द्रीय बस स्टैंड में प्रवेश करते ही यात्रियों का सामना मुख्य गेट पर ही गड्ढों से होता है। यात्रियों को पहली नजर में देखने से प्रतीत होता है कि जैसे वह जिले के बस स्टैंड पर नहीं, कहीं सुदूर किसी कस्बाई बस स्टॉपेज वाली जगह पर पहुंच गए हैं। गेट से आगे जाने के बाद बस खड़े होने वाली जगहों के प्लेटफार्म जाने पर इससे भी बड़े गड्ढों से सामना होता है। यह स्थिति तब है, जबकि प्रतिदिन राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम के इस स्टैंड को 10-12 लाख रुपए का राजस्व प्राप्त होता है। माह भर में राजस्व का यह आंकड़ा साढ़े तीन करोड़ का आंकड़ा पार कर जाता है। अकेले यात्रियों के पेटे करोड़ों का राजस्व लेने के बाद सुविधाओं के नाम पर स्थिति शून्य है।
गहरे गड्ढों से संकट
नागौर आगार यात्रियों के पेटे हर माह करोड़ों का राजस्व अर्जित करने के बाद भी सुविधाओं के नाम पर अच्छा बस स्टैंड तक नहीं दे पा रहा। यहां से दिल्ली, अजमेर, जयपुर, जालोर, जोधपुर एवं बीकानेर आदि क्षेत्रों में जाने के लिए प्रतिदिन हजारों की संख्या में यात्री सफर करने के लिए केन्द्रीय बस स्टैंड पर पहुंचते हैं। बस स्टैंड पर कई जगहों पर तो गड्ढे इतने गहरे हैं कि उसमें बस का पहिया गलती से चला गया तो यात्रियों का पूरा संतुलन बिगड़ जाता है।
बस का संतुलन बिगड़ा
केन्द्रीय बस स्टैंड पर सोमवार को दोपहर दो बजे पहुंचे तो वहां पर इन गड्ढों के बीच यात्री बसों पर चढऩे के लिए संघर्ष करते नजर आए। दूसरे नंबर के प्लेटफार्म के पास बड़े गड्ढे के पास रोडवेज की बस पर महिला अपने दो बच्चों सहित चढऩे के लिए इन गड्ढों के चलते संघर्ष करते नजर आई। तीसरे प्लेटफार्म के पास भी बड़ा सा गड्ढा नजर आया। चालक बेहद संभालकर बस को प्लेटफार्म से निकालता नजर आया, लेकिन बस का पिछला पहिया इन गड्ढों पर पड़ते ही संतुलन गड़बड़ा गया। इस तरह के दृश्य पूरे दिन नजर आते रहते हैं। इस संबंध में बस स्टैंड पर बीकानेर जाने के लिए आए प्रभुराम से बातचीत करने का प्रयास किया। पहले तो उन्होंने मना कर दिया, बाद में मुश्किल तैयार हुए तो कहा कि खुद ही देख लीजिये। इस बस स्टैंड को कौन कहेगा कि यह नागौर जिला मुख्यालय का बस स्टैंड है। रोडवेज के अजमेर एवं जयपुर के अधिकारी भी यहां कभी तो निरीक्षण के लिए आते होंगे, तो क्या उनको नजर नहीं आता है कि पूरा परिसर गड्ढों से अटा पड़ा है। इस दौरान रमेश, राजाराम, आदि यात्रियों ने भी बातचीत में कहा कि किराए के पेटे करोड़ो का राजस्व अर्जित करने वाली रोडवेज की ओर से उनको एक बेहतर बस स्टैंड तक नहीं मिल सकता है।
इनका कहना है…
मैं तो अभी कुछ दिन पहले ही यहां पर आया हूं। यह समस्याएं तो मेरे आने के पहले भी थी। मुख्यालय से इस संबंध में कोई दिशा-निर्देश आया तो पालना कर ली जाएगी।
मुकुन सिंह, मुख्य प्रबंधक, रोडवेज आगार नागौर