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पहुंचे लोग, और बोले कलक्टर साहब इसको बचा लो, नहीं तो फिर मार दिया जाएगा इसको
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पहुंचे लोग, और बोले कलक्टर साहब इसको बचा लो, नहीं तो फिर मार दिया जाएगा इसको

नागौर. शहर के प्रतापसागर में फिर से सीवरेज का गंदा पानी डाला जा रहा है। सीवरेज के गंदे पानी की वजह से यह पूरा तालाब ही गंदे नाले में बदलने के साथ ही स्थानीय बाशिंदों के लिए मुसीबत बन गया है। स्थिति यह हो गई है कि इस तालाब के रास्ते से गुजरने पर दुर्गन्ध […]

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नागौर. शहर के प्रतापसागर में फिर से सीवरेज का गंदा पानी डाला जा रहा है। सीवरेज के गंदे पानी की वजह से यह पूरा तालाब ही गंदे नाले में बदलने के साथ ही स्थानीय बाशिंदों के लिए मुसीबत बन गया है। स्थिति यह हो गई है कि इस तालाब के रास्ते से गुजरने पर दुर्गन्ध के साथ ही विषैले मच्छरों के हमले का शिकार होना पड़ता है। इसके साथ ही तालाब के किनारों पर चारो ओर सड़ रहे कचरे के कारण हालत दिनों-दिन बिगड़ती चली जा रही है। इस संबंध में गुरुवार को जिला कलक्टर अरुण कुमार पुरोहित को को ज्ञापन देकर तालाब को बचाने की गुहार लगाई गई है।
शहर के प्रतापसागर तालाब में प्रावधानों को तार-तार करते हुए सीवरेज के गंदे पानी के साथ ही इसके अस्तित्व को समाप्त करने के लिए न केवल इसमें गंदगी डाली जा रही है। इसके सीढिय़ों तक पर ही न केवल कचरा सड़ रहा है, बल्कि इसके अगल-बगल की खाली जगहों पर भी कचरा ही डाला जा रहा है। हालात यह हो गए हैं कि तालाब की सीढिय़ों के साथ ही इसके किनारे पर पड़े सड़ रहे कचरे के अंबार के साथ पानी की दुर्गन्ध के चलते अब इसके आसपास के लोगों का अपने घरों में रहना भी मुश्किल हो गया है। हर समय पड़ा सड़ रहा कचरा दुर्गन्ध के साथ ही जहरीली गैसें भी वातावरण में छोड़ रहा है।
हालात-ए-प्रतापसागर तालाब
बुधवार को प्रतापसागर तालाब की पड़ताल की गई तो इसमें तालाब का पानी बेहद काला एवं बदबूदार मिला। इसमें सीवरेज के गंदे पानी के साथ मिलने के कारण यह काला व बदबूदार हो चुका है। इसके किनारों पर चारों ओर सड़ता कचरा एवं दुर्गन्ध फैलाती हवा के कारण तालाब के पास खड़ा होना ही मुश्किल हो गया। इस तालाब के पास एक सीवरेज लाइन मिली। बताते हैं कि शहर के कई प्रमुख नालों का पानी सीधे इसी सीवरेज लाइन के माध्यम से इसमें पहुंचाया जा रहा है। इसके कारण गंदे पानी से कई बार तालाब पूरा भर जाता है तो फिर पाइप के माध्यम से ही इस गंदे पानी को सीवरेज के खुले चेंबर में में डाल दिया जाता है। अब स्थिति यह हो गई है कि इसकी दुर्गन्ध के कारण रात्रि में लोगों का अपने घरों में रहना ही मुश्किल हो जाता है।
मंदिरों में दर्शन करना भी मुश्किल होने लगा
शहर में सोनी बाड़ी, प्रतापसागर कॉलोनी, नया दरवाजा, बड़लेश्वर महादेव मंदिर, नया दरवाजा स्थित हनुमान मंदिर प्रतापसागर तालाब से लगभग सटा हुआ है। यहां पर रोजाना सैंकड़ों की संख्या में लोग दर्शनों के लिए भी आते हैं। दुर्गन्ध सभी को परेशान करती है। इसके कारण लोगों का मंदिरों तक पहुंचना भी अब मुश्किल होने लगा है।
तालाब को बचाओ, नहीं तो खत्म हो जाएगा
गुरुवार को अनिल, तुलसीराम, चंदरमल, पापालाल एवं राजेश भाटी ने जिला कलक्टर अरुण कुमार पुरोहित को प्रतापसागर तालाब की वस्तुस्थिति से अगवत कराया, और अनुरोध किया कि इसको नहीं बचाया गया तो हालात फिर अनियंत्रित हो जाएंगे।
पानी के लिए गंदगी व कचरा होता है खतरनाक
विशेषज्ञों का मानना है कि गंदा पानी तालाब में जाने के कारण न केवल यह भूजल की गुणवत्ता को पूरी तरह से प्रभावित कर देता है, बल्कि जमीन भी खतरनाक जहरीले रसायन के साथ मिलने से पूरी तरह खराब हो जाती है। बताते हैं कि इसके खतरनाक तत्व मिट्टी में घुलकर यानि की उसमें समाने के बाद उस जमीन को पूरी तरह से प्रदूषित कर देते हैं। इसके साथ ही सड़े हुए कचरा की वजह से इसके उपजे खतरनाक तत्व जहां मिलते हैं, वह पूरी जगह ही बंजर हो जाती है। यह जल एवं थल दोनों को ही बरबाद कर देते हैं।
इनका कहना है…
प्रतापसागर तालाब के वस्तुस्थिति की परिषद की ओर से जांच करा ली जाएगी। इसके बाद इस संबंध में आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
रमेश रिणवा, आयुक्त नगरपरिषद नागौर