
नागौर. पिछले कई दिनों से भीषण गर्मी के साथ उमस की मार झेल रहे शहरवासियों को रविवार राहत मिली। दोपहर में करीब आधा घंटा तक तेज, फिर रुक-रुक कर लगभग एक घंटे तक हुई बारिश की वजह से मौसम बदला सा रहा। गर्मी के साथ ही उमस से भी राहत मिली। वातावरण में बदलाव हेाने से चल रही हवाओं की जलन से छुटकारा मिलने के साथ ही ठंडी हवाओं ने भी सुकून का एहसास कराया। मौसम के अनुसार रविवार को 16.5 एमएम बारिश का आंकड़ा रिकार्ड किया गया हे।
सुबह से वातावरण में भीषण गर्मी के साथ उमस प्रभावी रही। तेज धूप के साथ ही चल रही हवाओं की जलन से मौसम में गर्मी बनी रही। दोपहर में करीब एक बजे से मौसम में बदलाव हुआ, और आसमान पर बादल छा गए। थोड़ी देर में शुरू हुई हल्की बूंदाबांदी तेज बरसात में बदल गई। करीब आधा घंटा तक तेज बरसात होती रही। इसके बाद हल्की रिमझिम बारिश की बूंदे लगभग एक घंटे तक गिरती रही। हुई बरसात से मौसम की तेज गर्मी से लोगों को काफी हद तक राहत मिली। तेज हवाओं के चल रहे गुबार बरसात की बूंदों के तले दबे नजर आए। शहर एवं ग्रामीण क्षेत्रों के इलाके पानी से लबालब भरे रहे।
सडक़ों पर भरा पानी
पुराना शहर के नया दरवाजा से बंशीवाला मंदिर मार्ग, बाठडिय़ा का चौक, लोहियो का चौक, गांधी चौक, दिल्ली दरवाजा, रोडवेज बस स्टैंड के नजदीक दिल्ली दरवाजा क्षेत्र के बाजारों के साथ ही शिवबाड़ी का मुख्य मार्ग पानी से लबालब भरा रहा। दिल्ली दरवाजा एवं पुराना शहर क्षेत्र में तो सडक़ों पर घुटना भर से ज्यादा पानी रहा। पानी निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण इन क्षेत्रों में लोगों को आवागमन में बेहद मुश्किल भरी स्थिति का सामना करना पड़ा।
सडक़ें बनी तालाब, टूटे मार्गों ने बढ़ाई परेशानी
शहर के बीकानेर रोड, कृषि मंडी चौराहा सुगन सिंह सर्किल, नया दरवाजा, पुराना हॉस्पिटल के पीछे से कलक्ट्रेट जाने वाला मार्ग, नया दरवाजा से शारपुरम रोड, संत बलरामदास शास्त्री विद्यालय के सामने सहित कई जगहों पर इनके गड्ढों में भरे पानी से छोटे तालाब बने रहे। इसकी वजह से सफर करने वालों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। विशेषकर देापहिया वाहन चालकों के लिए स्थिति बेहद कठिन रही।
सडक़ तो बना दी, निकासी का रास्ता नहीं
शहर के बीकानेर रोड से गोगेलाव की ओर जाने वाले मार्गों के दोनों ओर भी कई जगहों पर पानी भरा रहा। हालांकि सडक़ तो बेहद अच्छी बनी हुई है, लेकिन इसके किनारे नाले आदि नहीं होने के कारण बरसात का पानी सडक़ पर ही भरा रहा। इसकी वजह से भार वाहनों के साथ ही अन्य हल्के वाहनों के चलते पानी इधर-उधर उछलता नजर आया। जिससे लोग काफी परेशान रहे।