
नागौर. शहर के निकटवर्ती अठियासन में गुरु जयमल नगर में जय स्तंभ निर्माण कार्य की नींव रखी गई। जैन समणी सुगमनिधि एवं समणी सुधननिधि के सानिध्य में विधि विधान से भूमि पूजन किया गया। भूमि पूजन समारोह में देश के विभिन्न राज्यों एवं प्रदेश के कई जिलों से श्रद्धालु शामिल हुए। भूमि पूजन के दौरान उमड़े श्रद्धालुओं के जयघोष से पूरा वातावरण जैनाचार्य जयमल महाराज के रंग में रंगा नजर आया।
जैनाचार्य जयमल महाराज का नागौर से गहरा रिश्ता रहा
जैनाचार्य जयमल स्तंभ निर्माण के भूमि पूजन समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने कहा कि जैनाचार्य जयमल महाराज का नागौर की धरती से गहरा रिश्ता रहा है। इनकी स्मृति में जय स्तंभ का निर्माण करना वास्तव में सराहनीय कार्य है। उनके जीवन के अंतिम 13 वर्ष का स्थिरवास नागौर में हुआ था और 31 दिन के संथारे के साथ नागौर में ही उनका देवलोकगमन हुआ था। इसके निर्माण से निश्चित रूप से अध्यात्म की अमृतधारा बहेगी। इस कार्यक्रम में शामिल होना भी मेरे लिए सौभाग्य की बात है। यह निश्चित रूप से जैनाचार्य जयमल महाराज की कृपा है। सांसद बेनीवाल ने कहा कि जय स्तंभ के निर्माण में उनकी ओर से आवश्यकतानुसार हर संभव मदद की जाएगी। इसके लिए वह सदैव तैयार हैं। इस दौरान सांसद बेनीवाल एवं नगरपरिषद सभापति मीतू बोथरा का सम्मान किया गया।
गाजे-बाजे के साथ भूमि पूजन स्थल पर पहुंची शोभायात्रा
भूमि पूजन कार्यक्रम से पूर्व सुबह करीब साढ़े आठ बजे लोढ़ा की चौक स्थित पींचा पैलेस से गाजे-बाजे के साथ शोभायात्रा निकली। शोभायात्रा विभिन्न मार्गों से होते हुुए सुशील आराधना भवन पहुंची। शोभायात्रा में पुरुष सफेद वस्त्र एवं महिलाएं रानी कलर की साड़ी में चल रही थी। इस दौरान श्रावक-श्राविकाओं की ओर से जैनाचार्य जयमल महाराज के जयघोषों से माहौल गूंजता रहा। सुशील आराधना भवन में श्रावक-श्राविकाओं ने साध्वी हेमप्रभा व बिंदुप्रभा के दर्शन कर महामांगलिक श्रवण किया। इसके पश्चात श्रावक-श्राविका जयमल नगर पहुंचे। यहां पर प्रवेशद्वार से फिर से शोभायात्रा शुरू हुई।
शोभायात्रा का बहुमान, किया मंगलाचरण
भूमि पूजन स्थल पर पहुंची शोभायात्रा का बहुमान किया गया। जयमल जाप से कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। इसके पश्चात समणी सुगमनिधि एवं समणी सुधननिधि ने प्रवचन देते हुए भूमि पूजन की प्रासंगिकता के साथ जैनाचार्य जयमल महाराज की महत्ता पर प्रकाश डाला। इसके पश्चात भूमि पूजन कार्यक्रम हुआ। कार्यक्रम में जेपीपी जैन महिला फाउंडेशन की विनीता पींचा, पुष्पा ललवानी, रेखा सुराणा, संगीता चौरडिय़ा, मंजू देवी लोढ़ा आदि ने मंगलाचरण किया, और गुडिय़ा घीयां पीपाड़ सिटी और विनीता पींचा ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। राष्ट्रीय अध्यक्ष कैलाशचंद बोहरा ने स्वागत भाषण दिया। इसके बाद समणी सुगमनिधि व समणी सुधननिधि ने प्रवचन देते हुए सभा को संबोधित किया।
जय स्तंभ के लिए और जमीन देने की घोषणा
कार्यक्रम के दौरान अखिल भारतीय श्वेतांबर स्थानकवासी जयमल जैन श्रावक संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष कैलाशचंद बोहरा ने 15000 स्क्वायर फीट व भूमि पूजन के लाभार्थी परिवार ने 15000 स्क्वायर फीट जगह जय स्तंभ के आसपास खरीदकर अनुसंधान केंद्र को देने की घोषणा की। भूमि पूजन के लाभार्थी किशनलाल, रितेश कुमार, प्रणव कुमार कोठारी परिवार रहे। गौतम प्रसादी के लाभार्थी चंपालाल, विजयसिंह, रणजीतमल, धनेश, प्रियंक, मिवान पींचा रहे। इस दौरान ं संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष कैलाशचंद बोहरा , राष्ट्रीय महामंत्री स्वरूपचंद लुंकड़ जलगांव, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष गौतमचंद कोठारी , भूमि दानदाता परिवार के बनेचंद नाहर, रेवंतमल नाहर व प्रेमलता नाहर, जय स्तंभ प्रोजेक्ट चेयरमैन रेवंतमल नाहर, नवरतनमल बोकडिय़ा सेलम आदि मौजूद थे।
इनका रहा सहयोग
कार्यक्रम की व्यवस्था में कमलचंद ललवानी, हरकचंद ललवानी, पूनमचंद बैद, रूपेश पींचा, नरपतचंद ललवानी, जितेंद्र चौरडिय़ा, ललित सुराणा, मुकेश ललवानी, राजू नाहटा, प्रदीप बोहरा, सुरेन्द्र बांगानी, हरकचंद नाहर, मनोज नाहर, पारस भूरट, भरत चौरडिय़ा, शांतिलाल भूरट, प्रीतम ललवानी सहित राष्ट्रीय संघ, नागौर संघ, जेपीपी जैन महिला फाउंडेशन व जैनाचार्य गुरु जयमल प्राच्य विद्या अनुसंधान केंद्र के पदाधिकारी लगे रहे।
यह भी रहे मौजूद
इस दौरान नागौर नगरपरिषद सभापति मीतू बोथरा, महेंद्र मुथा, रोशनलाल नाहर, सुनील गादिया, मल्ली कुमार डागा, शांतिलाल चोपड़ा, महेन्द्र, गौतमचंद रुणवाल, प्रकाशचंद बोहरा, शांतिलाल कोठारी, गौतमचंद बाघमार, सुनील चौधरी, संजोग पींचा, गौतमचंद , ज्ञानचंद कांकरिया, मनमोहन राज घीयां, देवराज बोहरा, नेमीचंद कांकरिया, अलकेश मुणोत, प्रकाशचंद बैद, हस्तीमल श्रीमाल, बालचंद भंडारी, अशोक तातेड़, ओमप्रकाश डूकिया, अभयकुमार कांकरिया, महेंद्र नाहटा, रूपेश ललवानी, दीपक कोठारी, महावीरचंद भूरट, पार्षद नवरतनमल बोथरा, पार्षद दीपक सैनी, प्रकाशचंद बोहरा, किशोरचंद ललवानी, गिरधारी चौरडिय़ा, अमीचंद सुराणा, सुरवीर सुराणा, नरेंद्र संखलेचा, माणकचंद छल्लानी, विजयराज नाहर, प्रेमचंद छल्लानी, जगदीश माली, परमेश गुरा आदि श्रद्धालु मौजूद थे।