
– मूण्डवा पंचायत समिति की साधारण सभा की बैठक
-जनप्रतिनिधियों की कमी खली, कई विभागों अधिकारी भी नहीं पहुंचे
मूण्डवा(नागौर). यहां पंचायत समीति के वीसी कक्ष में मंगलवार को प्रधान गीता डांगा की अध्यक्षता में साधारण सभा की बैठक हुई। बैठक में जनप्रतिनिधियों की कमी खली, वहीं सभी विभागों अधिकारी भी बैठक में नहीं पहुंचे। विकास अधिकारी अमीत कुमार चौधरी ने गत बैठक की कार्यवाही से सदन को अवगत कराते हुए कहा कि पिछली बैठक में केवल मनरेगा के प्रस्तावों पर चर्चा कर उनका अनुमोदन किया गया। कुछ पंचायतों से और प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। नवीन प्रस्तावों को ध्वनि मत से पारित किया। बैठक में जल जीवन मिशन के तहत पंचायत समिति क्षेत्र के गांवों में अधूरे कार्यों को पूरा करवाने की मांग की गई।
खजवाना तथा ईनाणा में पेयजल व्यवस्था सुचारू करने , भदोरा ग्राम पंचायत के कंकडाय तथा कालियास गांव में नहरी पानी पहुंचाने की मांग रखी गई। ईनाणा में अधूरे छोड़े गए काम के कारण हो रही परेशानी तथा सीसी ब्लॉक तोड़करछोड़ने से रास्तों में हुए गड्ढों के कारण ग्रामीणों को होने वाली परेशानी से निजात दिलाने की मांग की गई। अधूरे काम को जल्दी पूरा करने की मांग उठाई गई, ताकि गर्मियों से पहले पेयजल की समस्या से निजात मिल सके। सरपंच रुपाराम रोज ने नई टंकी को नहरी पानी की लाइन से जोड़ने की मांग रखी। इसी प्रकार खजवाना में करीब एक सौ घरों में पानी नहीं पहुंचने का मुद्दा भी सामने आया।
वंचित ढाणियों में पहुंचे बिजली
ईनाणा तथा खजवाना ग्राम पंचायत की बिजली कनेक्शन से वंचित ढाणियों में बिजली पहुंचाने की मांग की गई। इस पर डिस्कॉम के सहायक अभियंता ने कहा कि सर्वे हो चुका है, नई योजना आएगी तब वंचित ढाणियों तक बिजली पहुंचा दी जाएगी। ग्रामीण क्षेत्र में सड़कों के किनारे बिजली के खंभे गाड़े जाने का विरोध किया गया। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि ऐसा करने से रास्ते संकरे होते हैं , वहीं हादसों की आशंका भी बढ जाती है। सड़क व पटरी को छोड़कर नियमानुसार काम किया जाए। बैठक में खस्ता हाल ग्रामीण सड़कों का मुद्दा भी उठा। साथ ही ग्रामीण क्षेत्र की कम क्षमता की सड़कों पर भारी मालवाहक वाहनों के गुजरने पर रोक लगाने की मांग की गई।सदस्यों ने बताया कि कंकरी, रोड़ी, बजरी अवैध कारोबार में कार्रवाई से बचने के लिए ग्रामीण सड़कों का उपयोग चोरी छुपे अवैध कारोबार के लिए हो रहा है।
अधिकारी फोन नहीं उठाते
जनप्रतिनिधियों ने शिकायत करते हुए कहा कि नहरी परियोजना के अधिकारी फोन रिसीव नहीं करते। उपखंड अधिकारी ने संबंधित अधिकारी को कहा कि जनप्रतिनिधियों से समन्वय में रखना जरूरी है। यदि किसी के नंबर नहीं है तो लेकर सेव अवश्य करें। साथ ही उन्होंने नहरी परियोजना तथा जलदाय विभाग के अधिकारियों को आपसी तालमेल रखने के निर्देश दिए।
फसलों को बचाने के चक्कर में जीवन संकट
उपखंड अधिकारी लाखाराम चौधरी ने जनप्रतिनिधियों से कहा कि एक ज्वलंत मुद्दा है जिस पर हमें ध्यान रखने की जरूरत है। किसी भी स्थिति में खुले तारों में करंट परवाहित करना गलत है। झटका मशीन लगाना कानून अवैध है, इसकी कोई अनुमति भी नहीं है। उन्होंने हाल ही में कुचेरा के पास इग्यार गांव के हादसे से सबक लेने की सलाह देते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों का दायित्व बनता है कि लोगों को जागरूक करें। लोग गैर कानूनी काम कर अपना जीवन संकट में नहीं डाले। डिस्कॉम के सहायक अभियंता ने बताया कि झटका मशीन में 10 से 24 वॉट का करंट रहता है। इतना करंट जीवन संकट में डालने के लिए बहुत है।