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Rajasthan Teacher Death: जनगणना ड्यूटी पर जाते समय शिक्षक की मौत, 3 बेटे-बेटियों के सिर से उठा पिता का साया

Nagaur News: नागौर जिले में जनगणना ड्यूटी पर जा रहे एक पंचायत शिक्षक की सड़क हादसे में मौत हो गई। बाइक अनियंत्रित होकर गिरने से शिक्षक गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें अस्पताल पहुंचाने पर चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।

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Census Duty Teacher Died In Merta City

मृतक शिक्षक की फाइल फोटो: पत्रिका

Census Duty Teacher Died In Merta City: नागौर जिले के मेड़ता सिटी क्षेत्र के बासनी सेजा गांव में एक दर्दनाक सड़क हादसे में पंचायत शिक्षक की मौत हो गई। शिक्षक जनगणना ड्यूटी पर जा रहे थे तभी रास्ते में उनकी मोटरसाइकिल अनियंत्रित होकर गिर गई। हादसे में गंभीर रूप से घायल शिक्षक को अस्पताल पहुंचाया गया लेकिन चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद गांव में शोक की लहर फैल गई। वहीं परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मृतक अपने पीछे तीन बेटियां और एक बेटा छोड़ गए हैं।

जनगणना की ड्यूटी के लिए निकले थे घर से

गोटन थाना पुलिस के अनुसार बासनी सेजा निवासी रामनारायण पुत्र मोहनराम मेघवाल ने रिपोर्ट दर्ज करवाई। रिपोर्ट में बताया गया कि उनके काका के बेटे रामकरण (51) पुत्र लुम्बाराम भाटी टूंकलिया के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में पंचायत शिक्षक (संविदाकर्मी) के पद पर कार्यरत थे। वर्तमान में उनकी ड्यूटी जनगणना प्रगणक के रूप में लगी हुई थी।

सोमवार सुबह करीब 6 बजे रामकरण अपनी मोटरसाइकिल से भीलावास क्षेत्र में ड्यूटी के लिए रवाना हुए थे। इसी दौरान गोटन मार्ग पर बोळों की ढाणी के पास उनकी बाइक अचानक असंतुलित हो गई और वे सड़क पर गिर पड़े। हादसा इतना गंभीर था कि उन्हें गंभीर चोटें आईं।

सड़क किनारे मिला शव

बताया जा रहा है कि हादसे के समय उनके पीछे उनके भाई रामनारायण भी आ रहे थे। उन्होंने सड़क किनारे रामकरण को घायल अवस्था में पड़ा देखा। इसके बाद तुरंत उन्हें राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गोटन ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई के बाद शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया।

रामकरण की अचानक मौत से बासनी सेजा गांव में शोक की लहर फैल गई। मृतक अपने पीछे तीन बेटियां और एक बेटा छोड़ गए हैं, जो अभी पढ़ाई कर रहे हैं। पिता की मौत की खबर मिलते ही बच्चों और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। गांव के लोगों ने भी इस हादसे पर गहरा दुख जताया। गमगीन माहौल में गांव के मुक्तिधाम में उनका अंतिम संस्कार किया गया, जहां बड़ी संख्या में ग्रामीण, रिश्तेदार और परिचित मौजूद रहे। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में मातम का माहौल बना हुआ है।