नागौर. लाखों की राशि से बनी शहर के कई सडक़ों की हालत पतली हो चुकी है। कई जगहों से टूट चुकी सडक़ों पर हुए गड्ढों के साथ बिखरी कंकरीटों के चलते सफर करना मुश्किल हो गया है। इन सडक़ोंं पर बिखरी गिट्टियां कई बार वाहनों के तले दबकर उछलते हुए दूसरों को लग जाती है। इसमें सर्वाधिक परेशानी दोपहिया वाहन चालकों को होती है। इसके चलते अक्सर यह सरेराह फिसल जाते हैं।
शहर का सुगन सिंह सर्किल से अहिंसा सर्किल, अहिंसा सर्किल से नया दरवाजा, गांधी चौक से दिल्ली दरवाजा, बाड़ीकुआं, बीकानेर रेलवे फाटक से बाई ओर जोधपुर रोड की तरफ जाने वाले रास्ते की हालत खराब हो चुकी है। इन रास्तों पर हुए गड्ढों के कारण उधड़ी सडक़ पर लोगों को पहाड़ी एरिया में सफर करने का एहसास होने लगा है। हालात यह हैं कि सुगनसिंह सर्किल चौराहा से अहिंसा सर्किल तक आधा दर्जन जगहों पर सडक़ पर गड्ढे है। अहिंसा सर्किल से पुराना जिला हॉस्पिटल मार्ग पर भी यही स्थिति है। इन रास्तों में कई जगहों पर बीच-बीच में टूटी सडक़ें, बिखरी गिट्टियों से बचकर चलते वाहन चालक खुद-ब-खुद नजर आ जाते हैं।
यहां की हालत भी खराब
शहर के गांधी चौक से दिल्ली दरवाजा तक जाने वाले मार्ग की हालत बेहद खस्ता है। कई जगहों पर यह पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुकी है। इसकी वजह से पैदल राहगीरों के साथ ही वाहन चालकों की हालत भी खराब रहती है। विशेषकर दो पहिया वाहन चालकों की। इसको लेकर व्यापारियों ने कई जगहों पर विरोध भी जताया, और ज्ञापन दिया। इसके बाद भी सडक़ों की मरम्मत नहीं कराई गई।
इनका कहना है…
इस संबंध में जल्द ही जांच कराकर रिपोर्ट तैयार कराई जाएगी। इसके बाद इसको व्यवस्थित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
रामरतन चौधरी, आयुक्त, नगरपरिषद नागौर