
नागौर. राज्य सरकार की ओर से मंडी टैक्स एवं कृषक कल्याण शुल्क लगाए जाने के विरोध में कृषि मंडी एवं फूड प्रोसेसिंग इकाइयों में चल रही हड़ताल से अब तक करीब एक अरब से ज्यादा व्यापार प्रभावित हुआ है। अकेले नागौर की कृषि मंडी में ही चार दिनों के अंतराल में 88 करोड़ का कारोबार नहीं हो पाया। इससे कारोबारी नुकसान होने के साथ ही करीब 20-22 लाख तक राजस्व नुकसान हुआ है। व्यापारियों की माने तो राजस्थान के आसपास के राज्यों में फूड प्रोसेसिंग के लिए मंगाने वाले व्यापारियों को इस प्रकार कोई टैक्स नहीं देने से कारोबार तो अच्छा चल रहा है, लेकिन इसे वापस नहीं लिया गया तो फिर दलहन का उद्योग तो लगभग खत्म हो जाएगा।
उपज के नहीं मिल रहे खरीदार
सरकारी जिद एवं व्यापारियों के संघर्ष के बीच आम किसानों की उपज के खरीदार अब नहीं मिल रहे हैं। भूले भटके मंडी पहुंचे किसानों को बैरंग अपने गांवों में लौटना पड़ रहा है। इसकी वजह से अन्नदाता भी अब परेशान नजर आ रहे हैं। इधर व्यापारियों के संगठन की ओर से दो मार्च से अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा ने किसानों की नींद ही उड़ा दी है।
मंडी में व्यापारियों ने किया प्रदर्शन
नागौर. मण्डी टैक्स एवं कृषक कल्याण शुल्क लगाए जाने के विरोध में व्यापारियों ने कृषि मण्डी में प्रदर्शन किया, रैली निकाली और सरकार के खिलाफ होश में आने की नसीहत दी। कृषि मण्डी व्यापार मण्डल की ओर से व्यापारियों ने कृषि मण्डी सचिव के कार्यालय के निकट पहले धरना दिया। इस दौरान सचिव नितिन मित्तल ने कहा कि एग्रो प्रोसेसिंग यूनिट साल में 2 से 3 माह माल की उपलब्धता नहीं रहने के कारण अन्य राज्यों से कृषि जींस मंगवा कर अपने औद्योगिक इकाइयों की पूर्ति करते हैं। इसका पूरा प्रभाव इस उद्योग से जुड़े श्रमिकों तक पर पड़ता है। सरकार नहीं मानी तो फिर लाखों कामगार फिर बेरोजगार हो जाएंगे। बाद में मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन कृषि मंडी सचिव रघुनाथराम सिंवर को दिया गया।
किसानों का तो नुकसान हो रहा
सरकार एवं व्यापारियों के बीच चल रहे संघर्ष के बीच आम किसान तो अपनी उपज मंडी में नहीं बेच पा रहा है।
रूसी जाट, कृषक
कहां बेंचने जाएं अनाज
मंडी में हड़ताल इसी तरह चलती रही तो फिर किसान अपनी उपज कहां बेचें।
सहदेव, कृषक
सरकार अच्छा नहीं कर रही
राजस्थान के पड़ोसी राज्यों में इस तरह के टैक्स नहीं लगाए गए हैं तो फिर यहां राजस्थान में टैक्स लगाकर सरकार क्या साबित करना चाहती है।
नितिन मित्तल, सचिव, कृषि मंडी व्यापार मंडल
टैक्स हटाने पर एग्रो फूड इंडस्टरीज अच्छी तरीके से चल सकेगी। फूड इंडस्टरीज को भी सप्लाई बंद हो चुकी है। जिससे प्रोडक्शन में दिक्कतें होने लगी है।
लिखमाराम पूनिया, उद्यमी