नागौर. इस्लामिक साल के तीसरे महीने की 12 तारीख को पैगंबर मोहम्मद मुस्तफा सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की पैदाइश के मौके पर मनाया जाने वाला ईद मिलादुन्नबी अकीदत व के साथ मनाई गई। इस मौके पर धार्मिक कार्यक्रमों के आयोजन किए गए। मुस्लिम समाज के लोग अपने पूर्वजों की फातिहा पढऩे के लिए कब्रिस्तान पहुंचे, और कब्रों पर फूल पेश कर अपने पूर्वजों को याद किया। इसको लेकर मुस्लिम बहुल इलाकों में चहल-पहल रही।
निकला जुलूस, दिखाए करतब
ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर जुलूस निकला। यह जुलूस तिगरी बाजार, काजियो का चौक, बाजारवाड़ा, माही दरवाजा, तोप चौक, मोहम्मद पूरा होता हुआ सूफी हमीदुद्दीन नागौरी रहमतुल्ला अलेह की दरगाह पहुंचा। इस दौरान बड़ी संख्या में स्कूली बच्चों, मदरसों के बच्चों सहित अन्य लोगों ने हिस्सा लिया। जुलूस में शामिल हुए लोग इस्लामी लिबास में नजर आए। जुलूस गुजरने के वाले रास्तों पर कई जगह इसका स्वागत किया गया। लोगों ने गांधी चौक आदि क्षेत्रों में बिस्किट आदि का वितरण किया। इस दौरान सूफी साहब की दरगाह के पास अखाड़े बाजों ने हैरतअंगेज करतब भी अखाड़े में दिखाए। इसके पूर्व जुलूस को शहर काजी मो. मेराज उस्मानी, सैय्यद सदाकत अली जिलानी, जावेद गौरी, दरगाह वक्फ कमेटी के सदर हाजी शमशेर खान आदि ने हरी झण्डी दिखाई। जुलूस को व्यवस्थित रूप से गुजरने के लिए सुरक्षा कर्मियों के साथ ही कई जगहों पर लगभग तीन सौ वालंटियर लगाए गए थे।
सूफी साहब की दरगाह में हुए कार्यक्रम
सूफी साहब की दरगाह में हुए कार्यक्रम में शिक्षण संस्थानों के साथ ही मदररसों के बच्चों ने कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां दी। इस दौरान हिंदी, उर्दू एवं अंग्रेजी में तकरीर के साथ ही नात पढ़ी गई। मस्जिद के इमामों को भी साफा पहनाए जाने के साथ ही उपहार आदि दिए गए।