
नागौर. जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी एवं भू-जल तथा जिला प्रभारी मंत्री कन्हैयालाल चौधरी ने रविवार को बजट 2025-26 को लेकर जिला परिषद सभागार में जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक लेकर बजट घोषणाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की। बैठक में मौजूद विधायक डेगाना अजयसिंह किलक, खींवसर विधायक रेवंतराम डांगा व भाजपा जिलाध्यक्ष रामधन पोटलिया ने सरकारी सिस्टम पर सवाल खड़े करते हुए सुधार की आवश्यकता बताई।
निर्धारित समय से करीब एक घंटे देरी से शुरू हुई बैठक एक घंटे भी नहीं चल पाई। बैठक में विधायक किलक ने कहा कि डेगाना में जल जीवन मिशन (जेजेएम) का काम करने वाली कम्पनी एलएनटी ने जगह-जगह सडक़ें खोद दी हैं, लेकिन वापस नहीं बनाई। डेगाना में जेजेएम का कोई आदमी नहीं बैठता, ऐसे में कहें तो किसे कहें। न गांवों में पानी आता है और न ही कोई सुनने वाला है। गांवों में पानी देने के लिए कौनसी कमेटियां बनाई हैं, हमें भी बताओ। कम्पनी वाले लोगों से साइन करवाकर चले गए, अब धरातल पर काम नहीं हो रहा।
इस पर मंत्री चौधरी ने एक्सईएन से पूछा कि क्या दिक्कत है, किसकी कमी से पानी नहीं आ रहा। एक्सईएन कोई जवाब नहीं दे पाए। इस पर मंत्री ने कहा कि पूरा सिस्टम खराब हो चुका है। पूर्व की सरकार ने घोषणा कर दी कि शहरों में 15 हजार लीटर तक पानी फ्री देंगे। वहीं दूसरी ओर गांवों में लोगों से 10 प्रतिशत हिस्सा राशि ले ली। आधों से पैसे ले लिए, आधों से नहीं लिए। इन्होंने पूरा सिस्टम खराब कर दिया।
एक-डेढ़ साल से सूखी पड़ी है टंकियां
विधायक रेवंतराम डांगा ने कहा कि सामने गर्मियों का मौसम है, लेकिन गांवों में पानी की व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। अधिकारी मॉनिटरिंग नहीं करते, जिसके कारण पानी कब देना है, किसको देना है, कुछ पता नहीं है। गांवों में पानी की टंकियां बने एक से डेढ़ साल हो गया, लेकिन अभी तक सूखी पड़ी हैं, उन्हें चालू नहीं किया गया। उन्होंने खुडख़ुड़ा, पालड़ी सहित अन्य गांवों के नाम बताते हुए कहा कि लाखों रुपए खर्च करने के बावजूद लोगों को पानी नहीं मिल रहा है, यह गंभीर है।
मंत्री का दर्द फूटा, बोले – किसी को तो शुरुआत करनी पड़ेगी
विधायकों ने जब सिस्टम पर सवाल खड़े करते हुए ग्रामीण क्षेत्रों की स्थिति मंत्री व अधिकारियों के सामने रखी तो मंत्री चौधरी का भी दर्द फूट गया। उन्होंने कहा कि हम जनप्रतिनिधि खुद ही अवैध कनेक्शनों का विरोध नहीं कर रहे। फ्री के सिस्टम ने सब बर्बाद कर दिया। उन्होंने एसपी को निर्देश देते हुए कहा कि पानी चोरी करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाएं। यह बहुत बड़ा जुर्म है। जिले के सभी एसएचओ को पाबंद करें। हमने बड़ी मुश्किल से अधिकारियों से काम कराना शुरू किया है, लेकिन अधिकारी जब रिपोर्ट देने थाने में जाते हैं तो एसएचओ मामला ही दर्ज नहीं करते। हम जब तक सख्ती नहीं बरतेंगे, तब तक सिस्टम नहीं सुधरेगा।
पटवार मंडल पर अतिक्रमण नहीं हट रहा
बैठक में प्रभारी मंत्री चौधरी ने अतिक्रमण हटाने को लेकर भी सख्ती दिखाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हो सकता है कि जिसके अतिक्रमण है, वो अपना ही आदमी हो और वो अपने को कहेगा भी, लेकिन हमें सख्त होना पड़ेगा। किसी को तो शुरुआत करनी पड़ेगी। इस पर भाजपा जिलाध्यक्ष रामधन पोटलिया ने कहा कि सार्वजनिक जमीन से अतिक्रमण हटाना तो बाद की बात है, इनसे तो पटवार भवन पर किया गया अतिक्रमण ही नहीं हट रहा। दरअसल, झाड़ेली पटवार भवन किए गए अतिक्रमण को लेकर भाजपा युवा मोर्चा के मंडल अध्यक्ष महावीर शर्मा ने पटवार भवन से अतिक्रमण हटाने को लेकर ज्ञापन सौंपा। जिस पर जिलाध्यक्ष ने कहा कि पटवार भवन तो खाली करवाओ।
बजट घोषणाओं को धरातल पर उतारें
बैठक में मौजूद जिला प्रभारी सचिव कुलदीप रांका, जिला कलक्टर अरुण कुमार पुरोहित पुलिस अधीक्षक नारायण टोगस सहित अन्य अधिकारियों को निर्देश देते हुए प्रभारी मंत्री ने कहा कि बजट में घोषित सभी योजनाओं और परियोजनाओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि जनता के हित में कार्य करना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए और इसके लिए सभी विभागों को एकजुट होकर काम करना होगा।