नागौर. जिला मुख्यालय पर जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में मंगलवार को राज्य की भाजपा सरकार के खिलाफ रैली निकालकर प्रदर्शन किया गया। कांग्रेस जिलाध्यक्ष जाकिर हुसैन गैसावत व कार्यकारी जिलाध्यक्ष हनुमान बांगड़ा के नेतृत्व में कांग्रेस पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस कार्यालय से कलक्ट्रेट तक रैली निकालकर राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की तथा राष्ट्रपति के नाम एडीएम को 10 सूत्री ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस ने ज्ञापन के माध्यम से प्रदेश सरकार के संचालन में राष्ट्रपति के हस्तक्षेप की मांग की। इससे पहले जिला कांग्रेस कार्यालय में प्रदेशाध्यक्ष गोविन्दसिंहडोटासरा का जन्मदिन मनाया तथा राज्य सरकार की नीतियों का विरोध किया।
कांग्रेस कार्यालय में आयोजित बैठक को संबोधित करते हुए सुजानगढ़ विधायक मनोज मेघवाल ने कहा कि प्रदेश सरकार पिछले 10 माह के कार्यकाल में विफल साबित हुई है। पूरे प्रदेश में सरकार नाम की कोई चीज नहीं दिख रही है। मकराना विधायक व कांग्रेस जिलाध्यक्ष जाकिर हुसैन गैसावत ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था बदहाल हो चुकी है। महिला अत्याचार बढ़ते जा रहे हैं। अतिवृष्टि की वजह से खराब हुई फसलों की गिरदावरी को लेकर भी सरकार का कोई रूख स्पष्ट नहीं है। कार्यकारी जिलाध्यक्ष बांगड़ा, पूर्व विधायक रामचंद्र जारोड़ा, मनीष मिर्धा, प्रेमसुख जाजड़ा सहित अन्य ने संबोधित करते हुए भाजपा सरकार पर कई आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार किसानों को उचित मुआवजा और बढ़ी हुई दरों पर फसलों की खरीद सुनिश्चित नहीं कर रही है। इसके अलावा, बिजली के बढ़े हुए बिल, महिलाओं पर अत्याचार और दलित-आदिवासियों पर अत्याचार रोकने की मांग की गई।
ये रखी मांगें
कांग्रेस ने एडीएम को राष्ट्रपति के नाम सौंपे ज्ञापन के माध्यम से प्रदेश में अतिवृष्टि के कारण फसल खराबे का उचित मुआवजा दिलाने, महिला अत्याचार, दलित अत्याचार, महिला व नाबालिग बच्चियों के साथ बलात्कार की घटनाएं व माफिया राज पर ठोस कार्रवाई करने, नई नौकरियों की विज्ञप्ति जारी करने, पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को चालू रखने, पेट्रोल-डीजल की कीमतें कम करने, बदहाल सडक़ों की मरम्मत करवाकर आमजन को राहत प्रदान करने, बेलगाम ब्यूरोक्रेसी पर लगाम कसकर जनता को समस्याओं से राहत दिलवाने, भाजपा नेताओं के भडक़ाऊ बयानों पर लगाम लगाकर सौहार्द बनाने, प्रदेश में नवंबर और जनवरी में होने वाले नगर निकाय व पंचायती राज के चुनावों को लेकर तैयारी शुरू करने की मांग की है।