
नागौर. शहर के ताऊसर रोड पर हाउसिंग बोर्ड की 27 बीघा जमीन पर किए गए अवैध कब्जे को पुलिस व प्रशासन के सहयोग से बोर्ड के अधिकारियों ने दो घंटे में हटवा दिया। कार्रवाई के दौरान पर्याप्त पुलिस जाब्ता तैनात रहा, लेकिन कब्जा करने वालों में से कोई भी मौके पर नहीं पहुंचा, इसलिए अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शांतिपूर्वक पूरी हो गई। कार्रवाई के दौरान दो जेसीबी मशीन की मदद से खाई को वापस पाटा गया तथा रोपी गई पट्टियों को उखाडकऱ कर नगर परिषद की टीम ने जब्त कर लिया। कार्रवाई पूरी होने के बाद बोर्ड के अधिकारियों ने हाथों-हाथ 9 सूचना बोर्ड मंगवाकर 27 बीघा जमीन में जगह-जगह लगवाए तथा पेंटर को मौके पर बुलाकर हाउसिंग की सम्पति की सूचना भी लिखवाई।
गौरतलब है कि ताऊसर रोड पर 27 बीघा जमीन पर 188 मकान बनाकर देने के लिए हाउसिंग बोर्ड ने गत मार्च व अप्रेल माह में आवेदन मांगे थे, जिसके लिए करीब 1300 से अधिक ऑनलाइन आवेदन भरे गए थे। हाउसिंग बोर्ड आगे की कार्रवाई करता उससे पहले गत सप्ताह कुछ लोगों ने इस जमीन के चारों तरफ खाई खोदकर तारबंदी करवा दी। जिसको लेकर राजस्थान पत्रिका ने ‘जिस जमीन पर मकान देने के लिए हाउसिंग बोर्ड ने मांगे आवेदन, उसी पर कर दी तारबंदी’ शीर्षक से समाचार प्रकाशित कर जिम्मेदार अधिकारियों का ध्यान आकृष्ट किया था। वहीं सांसद हनुमान बेनीवाल ने इस मामले को लेकर रविवार को मुख्यमंत्री सहित यूडीएच मंत्री व मुख्य सचिव को पत्र लिखकर अतिक्रमण हटाने व भूमाफिया के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की थी। जिसके बाद हरकत में आए मंडल के उच्च अधिकारियों ने सोमवार को नागौर पहुंचकर जिला कलक्टर से मुलाकात की तथा लम्बी चर्चा के बाद दोपहर बाद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई अमल में लाई गई। इस दौरान एसडीएम सुनील कुमार, तहसीलदार हरदीपसिंह, हाउसिंग बोर्ड के चीफ इंजीनियर तेजसिंह मीणा, एक्सईएन केएल निनाणिया, प्रशासनिक अधिकारी बीएम व्यास सहित अन्य अधिकारी एवं पुलिस जाब्ते के साथ पुलिस अधिकारी भी मौजूद रहे।
अच्छा होता कब्जा ही नहीं होने देते
हाउसिंग बोर्ड कॉलोनीवासियों एवं भाजपा नेता जगवीर छाबा ने कहा कि अच्छा होता हाउसिंग बोर्ड व प्रशासन के अधिकारी कब्जा ही नहीं होने देते। प्रशासन को जानकारी होने के बावजूद तीन दिन तक बेशकीमती जमीन पर खाई खोदने व तारबंदी करने का काम चलता रहा और प्रशासन देखता रहा। यदि उसी समय कार्रवाई करते तो जनता में अच्छा संदेश जाता।
अच्छा हुआ, सफाई हो गई…
हाउसिंग बोर्ड की जमीन पर किए गए अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई करीब दो घंटे चली। इस दौरान स्थानीय लोगों के साथ शहर से भी कई लोग कार्रवाई को देखने पहुंचे। कार्रवाई के दौरान हर कोई यह कहता नजर आया कि पहले यहां बबूल की झाडिय़ां उगने से काफी उजाड़ हो गया था, जिसे अतिक्रमियों ने साफ कर दिया। इस बहाने सफाई हो गई। लोगों का कहना था कि इस प्रकार यदि सरकारी जमीनों पर कब्जे होने लगे तो अराजकता का माहौल हो जाएगा। इस दौरान शहरवासियों ने जिम्मेदारों को जगाने के लिए पत्रिका में प्रकाशित समाचार की भी सराहना की।
आवासन मंडल की एक इंच जमीन नहीं देंगे
यूडीएच मंत्री झाबरसिंह खर्रा ने सांसद हनुमान बेनीवाल को यह प्रकरण संज्ञान में लाने के लिए धन्यवाद देते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि हमारी वार्ता के अनुसार उक्त प्रकरण की जांच करवाकर वस्तुस्थिति जानकर इस पर उपयुक्त कार्रवाई की जाएगी। वर्तमान सरकार में आवासन मंडल की जमीन में से एक इंच भी जमीन कोई भी भूमाफिया कभी भी नहीं कब्जा सकता। ना ही किसी तरह से कोई व्यक्ति आवासन मंडल के भूखंड अवैध तरीके से प्राप्त कर सकता है।
कब्जा करने वालों ने भी सौंपा ज्ञापन
ताऊसर रोड स्थित खसरा नम्बर 381 की 27 बीघा जमीन को लेकर धनेश माली, प्रेमसिंह जाट व ललित जाट ने जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपकर दस्तावेजों व न्यायालय के निर्णय का ध्यानपूर्वक मनन कर निर्णय पारित करने की मांग की।
अतिक्रमण हटा दिया
हाउसिंग बोर्ड की करीब 27 बीघा जमीन पर अतिक्रमण करने को लेकर आज बोर्ड के ?अधिकारियों ने पत्र सूचना दी, जिस पर जिला कलक्टर के निर्देशानुसार कमेटी गठित करके नगर परिषद व पुलिस प्रशासन के सहयोग से अतिक्रमण हटाया गया।
– सुनील कुमार, एसडीएम, नागौर
जल्द आवंटन करेंगे
कुछ लोगों ने हमारी जमीन पर अतिक्रमण करने का प्रयास किया था, जिसे आज पुलिस व प्रशासन के सहयोग से हटवा दिया है। अब जल्द ही लॉटरी प्रक्रिया अपनाकर आवेदकों को यहां आवंटन किया जाएगा। इसके लिए एक-दो दिन में ही सडक़ बनाने का काम शुरू कर देंगे। साथ ही सुरक्षा के लिए चौकीदार भी तैनात करेंगे, ताकि दुबारा अतिक्रमण नहीं हो।
– केएल निनाणियां, आवासीय अभियंता, हाउसिंग बोर्ड, नागौर
सांसद बेनीवाल ने कहा… भू-माफियाओं के खिलाफ सरकार करें सख्त कार्रवाई
आवासन मंडल की बेशकीमती जमीन पर किए गए अवैध कब्जे को हटाने के बाद नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने कहा कि कब्जा करने वालों को बेदखल करने की कार्रवाई जन -भावना के अनुरूप की है, जो उचित है। लेकिन एक बार बेदखल करने मात्र से अवैध कब्जों पर लगाम नहीं लगेगी, क्योंकि आवासन मंडल की इस जमीन पर जब लोगों ने कब्जा करना शुरू किया, तब आवासन मंडल के अभियंता ने लिखित में जिला प्रशासन और पुलिस को अवगत करवाया। इसके बावजूद उन्हें कोई सहयोग नहीं मिला और भू-माफियाओं के डर से व जिला प्रशासन के असहयोग से आहत होकर वे नागौर छोडकऱ चले गए। बेनीवाल ने आरोप लगाया कि इस मामले के तार कुछ राजनेताओं से भी जुड़े हैं और नागौर पुलिस तथा उपखंड अधिकारी ने प्रत्यक्ष रूप से ऐसे माफियाओं को सहयोग किया। सांसद ने मामला एसओजी को सौंपने की मांग की।