– खींवसर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर हुआ कमी मुक्ति दिवस का राज्य स्तरीय कार्यक्रम
– चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री ने बच्चों को कृमि नाशक दवाई पिलाकर किया शुभारंभ किया
– कहा : जिला स्तरीय चिकित्सा सुविधा होगी उपलब्ध, विकास में दलगत राजनीति नहीं
खींवसर (नागौर जिला) कृमि रोग के कारण बच्चों का बौद्धिक विकास अवरुद्ध हो रहा है तथा खून की कमी हो रही है। अगर बच्चे इस बीमारी की जकड़ में आ गये तो देश का भविष्य खतरे में पड़ जाएगा। बच्चों में बीमारी फैलने से रोकथाम के लिए माता-पिता की जिम्मेदारी बनती है। कृमि मुक्ति दिवस के राष्ट्रीय कार्यक्रम को लेकर चिकित्सा मंत्री ने खींवसर के सामुदायिक संगठन केन्द्र पर 1 से 19 वर्ष तक की आयु वर्ग के बच्चों तथा किशोर- किशोरियों को एलबेंडाजॉल की गोली खिलाई। इस मौके पर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इस साल कृमि मुक्ति दिवस पर राज्य में 1 वर्ष से 19 वर्ष तक के लगभग 3.33 करोड़ बच्चों व किशोर-किशोरियों को कृमि मुक्ति की दवा खिलाई जानी है। उन्होंने कहा कि कृमि संक्रमण बच्चों के शारीरिक विकास, हीमोग्लोबिन स्तर, पोषण और बौद्धिक विकास पर भी हानिकारक प्रभाव डालता है। ऐसे में निश्चित समयांतराल पर कृमि मुक्ति करने से कृमि संक्रमण के फैलाव को रोका जा सकता है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि वर्ष 2015 से अभियान चल रहा है गांव में बच्चे नंगे पांव घूमते हैं जिससे पांव के माध्यम से कीड़े पेट में चले जाते हैं तथा खून की कमी होने के साथ बच्चों का बौद्धिक विकास अवरोध हो जाता है चिकित्सा मंत्री ने कहा कि गांव ढाणी तक चिकित्सा ढांचे को मजबूत किया जाएगा चिकित्सा के रिक्त पड़े पदों पर तत्काल से भर्ती करके लोगों को अच्छी चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी। चिकित्सा मंत्री ने कहा कि स्वयं मुख्यमंत्री ने खींवसर पर विशेष ध्यान रखते हुए जिला अस्पताल घोषित किया है। उन्होंने कहा कि खींवसर को मॉडल अस्पताल के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां शिशु महिला सहित विभिन्न विशेषज्ञ चिकित्सक लगाए जाएंगे, ताकि लोगों को नागौर बीकानेर या जोधपुर नहीं भटकना पड़े।
गोडा पेट री तरफ लुलै
चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह ने मारवाड़ी लहजे में कहा कि गोडा पेट री तरफ लुलै, उनका अर्थ था कि वह भले ही जोधपुर जिले से मंत्री हैं मगर उनके कर्म भूमि खींवसर है। उन्होंने कहा कि वह सरकार में तीन बार मंत्री रहे इस दौरान उन्होंने खींवसर गांव की दशा बदली है। यहां कॉलेज, पंचायत समिति, उपखंड मुख्यालय, बस स्टैंड, स्टेडियम, कन्या महाविद्यालय सहित आमूलचूल विकास किया है, वहीं नहरी पानी भी उनके कार्यकाल के दौरान यहां की जनता को उपलब्ध करवाया गया। चिकित्सा मंत्री ने कहा कि यह तो केवल ट्रेलर है फिल्म अभी बाकी है। उन्होंने कहा कि इस बजट में खींवसर को अनेक सौगातें दी है, जबकि इस कार्यकाल के चार बजट अभी शेष है। खींवसर में रोडवेज बस डिपो सहित 4 करोड़ से स्टेडियम का विकास करवाया जाएगा। एसटीपी के तहत खींवसर में सभी घरों का नालियों का पानी एकत्रित करके बाहर निकाला जाएगा। वहीं 10 करोड रुपए की रिंग रोड का निर्माण किया जाएगा। लालावास के हनुमान मंदिर से रिलायंस सोलर प्लांट तक, जीएसएस से आगरा रोड होते हुए फोर लाइन बनेगी, वहीं फलोदी से जयपुर एक्सप्रेस हाईवे को भी खींवसर से होकर निकलने के प्रयास जारी है।
विकास में नहीं होगी पार्टी बाजी
चिकित्सा मंत्री ने कहा कि विकास कार्यों में किसी प्रकार की पार्टी बजाने की जाएगी बीजेपी कांग्रेस या कोई पार्टी या किसी प्रकार की जाति को नहीं देखते हुए बिना किसी भेदभाव के विकास कार्य करवाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि जिस तरह सूर्य की रोशनी सभी को मिलती है उसी प्रकार खींवसर में सभी को समान रूप से विकास का लाभ मिलेगा। वहीं चिकित्सा में रिक्त पदों को भरने की कार्यवाही चल रही है उन्होंने खींवसर में एडीजे न्यायालय खोलने का आश्वासन दिया।
कार्यक्रम में निदेशक आरसीएच डॉ. सुनीतसिंह राणावत ने कहा कि कृमि संक्रमण बच्चों के शारीरिक विकास, हिमोग्लोबिन स्तर, पोषण एवं बौद्धिक विकास के लिए उन्हें कृमि मुक्त रखना जरूरी है। निदेशक डॉ. राणावत ने बताया कि पेट में कीड़े (कृमि) से निजात दिलाने वाली एल्बेंडाजॉल की दवा प्रदेश के सभी विद्यालयों, महाविद्यालयों और आंगनबाड़ी केन्द्रों पर निःशुल्क खिलाई जायेगी। इस अभियान के दौरान छूटे बच्चों को कृमिनाशक दवा खिलाने के लिए 17 अगस्त को मॉपअप दिवस आयोजित किया जाएगा ताकि एक भी बच्चा यह दवा खाने से नहीं छूटे।
ये रहे मौजूद
कार्यक्रम में एसडीएम हरिसिंह शेखावत, परियोजना निदेशक, बाल स्वास्थ्य डॉ. प्रदीप चौधरी, संयुक्त निदेशक अजमेर जोन डॉ. सम्पतसिंह जोधा तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राकेश कुमावत, सरपंच राजू देवी, कृमि कार्यक्रम के जिला नोडल व अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शीशराम चौधरी, दीपक उपाध्याय खींवसर के खण्ड मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जे.के. सैनी, चिकित्सक रामजीत टाक, डॉ अरुण कुमार शर्मा, सांवरमल मीणा, व्यापार संघ के अध्यक्ष पूसाराम आचार्य, पूर्व उप सरपंच नरेश भाटी सहित चिकित्सा कार्मिक, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व आशा सहयोगिनी सहित ग्रामीण मौजूद रहे।