14 मार्च 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

नागौर

वीडियो : उप चुनाव के प्रचार के बीच खींवसर पहुंचा तेंदुआ

खींवसर व ताडावास के बीच सीसी टीवी कैमरे में हुआ कैद, वन विभाग हुआ सतर्क

Google source verification

नागौर. जिले के खींवसर विधानसभा सीट पर 13 नवम्बर को होने वाले उप चुनाव को लेकर इन दिनों राजनीतिक दलों का प्रचार जोर-शोर से चल रहा है। चुनावी प्रचार के बीच मंगलवार रात को एक तेंदुआ (पेंथर) खींवसर क्षेत्र में विचरण करते हुए देखा गया। सीसी टीवी में कैद हुई तेंदुए की तस्वीर के बाद सूचना मिलने पर नागौर वन विभाग की टीम सतर्क हो गई।

नागौर डीसीएफ सुनील कुमार ने बताया कि खींवसर व ताडावास के बीच तेंदुआ होने की जानकारी मिली है, जिस पर टीम को मौके पर भेजा तो तेंदुए के पगमार्क मिले हैं, इसको देखते हुए उसे पकड़ने के लिए परबतसर से पिंजरा खींवसर भिजवाया गया है। साथ ही जोधपुर वन विभाग की टीम को भी अलर्ट किया गया है।

डीसीएफ सुनील कुमार ने बताया कि उनकी टीम अलर्ट है और तेंदुए की तलाश कर रही है। जैसे ही वापस तेंदुआ दिखाई देगा, उसे पकड़ने के लिए कार्रवाई की जाएगी।

चुनाव प्रचार के बीच हक मांगने आया तेंदुआ

पर्यावरण प्रेमियों का कहना है कि पिछले कुछ समय से वन्य ​जीव आबादी क्षेत्रों में आ रहे हैं। जैसे-जैसे हम वनों को खत्म कर रहे हैं, वैसे-वैसे वन्य जीव आबादी क्षेत्र में आ रहे हैं। एक प्रकार से यह मानव की ओर से वन्य जीवों के आवास में किए जा रहे अतिक्रमण का ही परिणाम है। कुछ लोगों ने सोशल मीडिया पर कहा कि चुनाव में बड़े-बड़े लोग प्रचार करने आ रहे हैं, जो अपने आप को शेर और बब्बर शेर बता रहे हैं, ऐसे में एक जंगली जानवर भी अपना हक मांगने आ गया है। तेंदुए का कहना है कि उनका जीवन भी बचाया जाए। गौरतलब है कि नागौर, खींवसर क्षेत्र में जंगल नहीं है, इसलिए यहां जंगली जानवरों का आना बहुत कम होता है। ऐसे में एक तेंदुए का आना काफी सोचनीय विषय है।

ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह

खींवसर क्षेत्र में तेंदुए के दिखाई देने के बाद वन विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि जैसे ही तेंदुआ या उसके पगमार्क दिखाई दे, तुरंत विभाग को सूचित करें, ताकि समय रहते उसे पकड़ा जा सके। अधिकारियों का कहना है कि हो सकता है खरीफ की फसलों में तेंदुए ने अपना बसेरा बना रखा हो और अब जब फसलें कट रही हैं तो वह बाहर आबादी क्षेत्र में आ गया हो। ऐसा भी हो सकता है कि तेंदुआ बाहर से यहां आया हो।