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नागौर

वीडियो : प्रदेश में 7 हजार से अधिक विद्यालयों में नहीं है कम्प्यूटर लैब, कम्प्यूटर ​शिक्षकों के पद भी खाली

प्रदेश के साढ़े 19 हजार से अधिक माध्यमिक व उच्च माध्यमिक विद्यालयों में से मात्र साढ़े 10 हजार में ही है में स्वीकृत है कम्प्यूटर शिक्षक, इनमें भी 4 हजार से ज्यादा पद रिक्त, बिना लैब व शिक्षकों के हो रही खानापूर्ति

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नागौर. एक तरफ सरकारी स्कूलों में बच्चों को एआई की जानकारी दी जा रही है, वहीं दूसरी ओर प्रदेश के हजारों स्कूलों में कम्प्यूटर लैब नहीं है। यही हाल कम्प्यूटर शिक्षकों का है। प्रदेश के साढ़े 19 हजार माध्यमिक स्कूलों में से साढ़े 10 हजार में ही कम्प्यूटरअनुदेशकों के पद स्वीकृत हैं। यही नहीं स्वीकृत पदों में भी करीब 40 फीसदी रिक्त पड़े हैं।

देश की सरकार डिजिटल इंडिया का सपना साकार करने में लगी है, वहीं दूसरी तरफ प्रदेश में कंप्यूटर शिक्षा की पढ़ाई के शिक्षक ही नहीं है। सरकार प्रदेश के साढ़े 10 हजार स्कूलों में कंप्यूटर लैब बनाने का दावा कर रही है, लेकिन इन लैब्स के ताले कभी-कभार ही खुलते हैं। इससे कम्प्यूटर की पढ़ाई भगवान भरोसे चल रही है।

गौरतलब है कि नवीं और दसवीं कक्षा में कम्प्यूटर शिक्षा अनिवार्य है, लेकिन अन्य सहायक विषय कला शिक्षा, शारीरिक एवं स्वास्थ्य शिक्षा, समाजोपयोगी उत्पादक कार्य एवं समाज सेवा की तरह इसमें भी फर्जी तरीके से अंक देकर खानापूर्ति की जा रही है। कक्षा 11 एवं 12 के लिए कम्प्यूटर विषय का वैकल्पिक विषय के रूप में चयन किया जा सकता है। सरकारी स्कूलों में कम्प्यूटर शिक्षा में खानापूर्ति का यह खेल पिछले करीब 16 साल से चल रहा है। वर्ष 2008 में सरकार ने केंद्र के सहयोग से सूचना और संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) योजना के तहत स्कूलों में कम्प्यूटर लैब स्थापित की थी। इसमें 75 फीसदी केंद्र का व 25 फीसदी राज्य का सहयोग था। शुरुआत में संविदा पर कंप्यूटर अनुदेशक लगाए गए, लेकिन करीब छह साल पहले उन्हें हटा दिया। कई कम्प्यूटर लैब कंडम हो गई, जिसके बाद सामान नीलाम करके लैब को बंद कर दिया गया। पिछली सरकार के कार्यकाल में कम्प्यूटरअनुदेशकों की भर्ती की गई, लेकिन न तो सभी स्कूलों में पद स्वीकृत किए और नही स्वीकृत पदों के बराबर भर्ती की गई, ऐसे में प्रदेश की साढ़े 19 हजार स्कूलों में से मात्र 6123 स्कूलों में ही कम्प्यूटर अनुदेशक लग पाए।

यह है प्रदेश की स्थिति

प्रदेश में कुल माध्यमिक स्तर की सरकारी स्कूलें – 19,606

प्रदेश में कम्प्यूटरअनुदेशकों के पद स्वीकृत – 10,453

कार्यरत – 6123

रिक्त – 4330

सरकारी स्कूलों में कम्प्यूटर लैब – 13,976

माध्यमिक शिक्षा की स्कूलें – 13411

प्रारंभिक शिक्षा की स्कूलें – 565

कम्प्यूटर लैब चालू करने की प्रक्रिया चल रही है

वर्ष 2010 में जब में इस विद्यालय में आई, तब कम्प्यूटर लैब चालू थी। जिससे बच्चों के साथ शिक्षक भी सीखते थे। उसके बाद वर्ष 2017 में लैब बंद हो गई और सामान नीलाम कर दिया। तब से लैब बंद है। आज के समय में कम्प्यूटर लैब बहुत बड़ी जरूरत है, इसके लिए पिछले दिनों हमने प्रस्ताव बनाकर भेजा है। उम्मीद है, जल्द ही वापस कम्प्यूटर लैब शुरू होगी।

– संतोष चौधरी, प्रधानाचार्य, रतनबहन बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय, नागौर