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वीडियो : नागौर में रोजगार की नई उम्मीद: रोजगार शिविर में युवाओं को मिले रोजगार के अवसर
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वीडियो : नागौर में रोजगार की नई उम्मीद: रोजगार शिविर में युवाओं को मिले रोजगार के अवसर

मिर्धा महाविद्यालय में रोजगार सहायता शिविर का आयोजन, रोजगार सहायता शिविर में 780 विद्यार्थियों ने करवाया पंजीकरण, 29 का चयन
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नागौर

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Shyam Lal Choudhary

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Updated: 9 Dec 2024, 8:45 PM IST

नागौर.उपक्षेत्रीय रोजगार कार्यालय और बी. आर. मिर्धा राजकीय महाविद्यालय, नागौर के संयुक्त तत्वावधान में सोमवार को कॉलेज परिसर में ‘रोजगार सहायता शिविर’ का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि जिला कलक्टर अरुण कुमार पुरोहित थे अध्यक्षता प्राचार्य डाॅ. हरसुख राम ने की। कलक्टर ने उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए समकालीन परिवेश के अनुरूप स्वरोजगार और व्यवसाय की उपयोगिता बताते हुए कैरियर निर्माण में उद्यमशीलता का महत्व बताया। विद्यार्थी जीवन में सफलता के लिए निरंतर अभ्यास, सीखने व संघर्ष करते रहने की प्रेरणा दी। साथ ही रोजगार शिविर जैसे कार्यक्रमों की शिक्षा सहगामी गतिविधि के तौर पर नियमित आयोजन की जरूरत बताई। इसके बाद कलक्टर ने रोजगार प्रदाता स्टाॅलों का अवलोकन कर विद्यार्थियों से फीडबैक लिया।

कार्यक्रम के संयोजक उपक्षेत्रीय रोजगार कार्यालय के सहायक निदेशक राघवेंद्र सिंह ने विद्यार्थियों को बताया कि रोजगार सहायता शिविर कौशल विकास और प्रशिक्षण कार्यक्रमाें के माध्यम से विद्यार्थियों को स्वरोजगार के अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को बदलते समय के अनुरूप रोजगार की संभावनाओं से परिचित करवाया। पूर्व प्राचार्य डॉ. शंकरलाल जाखड़ ने प्रेरणादायक उद्बोधन दिया और औपचारिक शिक्षा के साथ कौशल विकास की महत्ता पर प्रकाश डाला। नगर परिषद सभापति मीतू बोथरा ने विद्यार्थियों को लक्ष्य निर्धारित करने और नशा मुक्त रहने की सलाह दी। पद्मश्री हिम्मतारामभांभू ने कठोर परिश्रम, अनुशासन और संस्कारों की आवश्यकता को रेखांकित किया। उन्होंने सरकारी नौकरियों में सीमित अवसरों की बात कहते हुए स्वरोजगार और उद्यमिता पर जोर दिया। वरिष्ठ संकाय सदस्य डॉ. रणजीत पूनिया ने गांधी के दर्शन का उल्लेख करते हुए स्वरोजगार के लिए प्रेरित किया।

101 विद्यार्थियों को किया शार्टलिस्ट

प्राचार्य डॉ. छरंग ने बताया कि शिविर में एसबीआई लाईफ इंसोरेशंन, आरएस सिक्योरिटी, एसआईएस लिमिटेड, यूको आईएसईटीआई, नागौर सहित कुल 11 निजी कंपनियों ने भाग लिया। इस शिविर में 780 विद्यार्थियों ने पंजीकरण करवाया जिसमें से 101 विद्यार्थियों को शार्टलिस्ट किया गया। अंबुजा फाउण्डेशन की ओर से 100 एवं यूको आरसेटी की ओर से 16 अभ्यर्थियों का प्रशिक्षण के लिए चयन किया । कुल 29 अभ्यर्थियों का चयन प्राथमिक तौर पर नियुक्ति पत्र दिए। कार्यक्रम का संचालन डाॅ. भूपेश तथा प्रो. सुमित्रा सांगवा ने किया।

सेडी ने दी प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जानकारी

शिविर में कौशल विकास कार्यक्रम का आयोजन एयूफॉउण्डेशन तथा कौशल एवं उद्यमिता विकास संस्थान (सेडी) के सयुंक्त तत्वावधान में किया गया। इसमें सेडी की ओर से स्वरोजगार के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जानकारी दी गई। प्लेसमेंट सेल के संयोजक डॉ. भूपेश ने बताया कि यह कार्यक्रम न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 10वीं से 12वीं तक और आयु सीमा 18 से 35 वर्ष तक के लिए उपलब्ध हैं। इनमें असिस्टेंट ब्यूटी थेरेपिस्ट, अकाउंट असिस्टेंट (टैली), डाटा एंट्री ऑपरेटर, इलेक्ट्रीशियन, बिजनेस कॉरस्पोंडेंट, बिजनेस फैसिलिटेटर, अनआर्मड सिक्योरिटी गार्ड और फूड एंड बेवरेज सर्विस-स्टीवर्ड जैसे कोर्स शामिल हैं। प्रशिक्षण में अंग्रेजी भाषा, कंप्यूटर प्रशिक्षण, सुरक्षा कौशल, कॅरियर परामर्श और एनएसडीसी प्रमाणित प्रमाणपत्र जैसी सुविधाएं दी जाती हैं।