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Video : डबल इंजन की सरकार पर प्रश्न चिह्न : पहले ‘कायाकल्प’ की जगह किया ‘कबाड़ा’, अब काम बंद
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Video : डबल इंजन की सरकार पर प्रश्न चिह्न : पहले ‘कायाकल्प’ की जगह किया ‘कबाड़ा’, अब काम बंद

अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत नागौर रेलवे स्टेशन का होना है ‘कायाकल्प’, रेलवे के अधिकारी बने मूकदर्शक, स्टेशन के निर्माण कार्य में भारी अनियमितता, जिम्मेदारों ने मूंदी आंखें

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नागौर. रेलवे के जिम्मेदार अधिकारियों की अनदेखी व उदासीन रवैये के कारण नागौर के लोग पिछले करीब डेढ़ साल से परेशान हो रहे हैं। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत जिला मुख्यालय के रेलवे स्टेशन का ‘कायाकल्प’ करने की बजाए कबाड़ा करने वाले ठेकेदारों ने अब काम ही बंद कर दिया है, जिसका खमियाजा शहरवासियों को भुगतना पड़ा रहा है। रेलवे स्टेशन बिखरी निर्माण सामग्री व कबाड़ डबल इंजन की भाजपा सरकार पर प्रश्न चिह्न लगा रही है। चिंता की बात यह भी है कि जिले के जनप्रतिनिधियों ने भी मौन साध लिया है। रेलवे के अधिकारी भी दबी जुबान में रेलवे स्टेशन पर हुए ‘कबाड़े’ को स्वीकार कर रहे हैं, लेकिन अधिकारिक रूप से बयान देने से बच रहे हैं।

गौरतलब है कि नागौर रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास का शिलान्यास प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 6 अगस्त 2023 को देश के अन्य 508 स्टेशनों के साथ किया था। रेलवे अधिकारियों के अनुसार पुनर्विकास का काम पूरा होने के बाद नागौर स्टेशन पर यात्रियों को बेहतर और उत्कृष्ट सुविधाएं मिल पाएंगी। इस कार्य में सिग्नल, टेलीकॉम एवं इलेक्ट्रिक केबल प्रणाली को सुव्यवस्थित करने के साथ नई बिल्डिंग में विशिष्ट अतिथि कक्ष, स्टेशन अधीक्षक, शौचालय व रिटायरिंग रूम बनाए जाने हैं। साथ ही रेलवे सुरक्षा बल कार्यालय के साथ अन्य कार्य भी होने हैं। इस निर्माण कार्य के तहत विशिष्ट अथिति कक्ष, यात्रियों के वाहनों के लिए पार्किंग सुविधा, मुख्य द्वार, सर्कुलेटिंग एरिया आदि का निर्माण कार्य किया जाना है, लेकिन रेलवे स्टेशन के ‘कायाकल्प’ का काम भी शहर के आरओबी की तरह ‘लम्बा’ होता नजर आ रहा है। गौरतलब है कि रेलवे ने नागौर रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास कार्य करने के लिए 17.11 करोड़ का बजट स्वीकृत किया था।

नागौर स्टेशन पर ये होने हैं कार्य

– स्टेशन की ओर आने वाले मार्ग में प्रवेश और निकास के लिए अलग-अलग प्रावधान तथा सर्कुलेटिंग एरिया के सौंदर्यीकरण से संबंधित कार्य।

– दो पहिया व चौपहिया के वाहनों के लिए अलग-अलग पार्किंग सुविधा।

– यात्रियों को उतारने और चढ़ाने के लिए बरामदे पोर्च का निर्माण।

– नए अतिथि कक्ष, वीआईपी रूम का निर्माण।

– स्टेशन पर महिलाओं और पुरूषों के लिए अलग शौचालयों के साथ बेहतर सुविधाएं तथा सर्कुलेटिंग एरिया में पे एण्ड यूज शौचालय बनाए जाएंगे।

– स्टेशन भवन के बाहरी और आंतरिक भाग का सुधार, 12 मीटर चौड़े ऊपरी पैदल पुल एफओबी का निर्माण किया जाएगा।

– नए प्लेटफार्म आश्रयों सेल्टर्स के साथ दिव्यांगजनों के लिए सुविधाओं सहित नए शौचालय ब्लॉक और पानी बूथ का निर्माण कार्य, जिसमें सभी सुविधाओं तक दिव्यांग जनों की पहुंच बनाने के लिए उपयुक्त स्थान पर तैयार होंगे।

– बेहतर संकेत चिह्नों का प्रावधान, स्टेशन पर होर्डिंग व स्मारकीय झंडों का प्रावधान और बेहतर फर्नीचर का प्रावधान।

पत्रिका ने पहले भी खोली थी पोल

रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास के निर्माण कार्य में ठेकेदारों की ओर से बरती गई अनियमितता को लेकर राजस्थान पत्रिका ने 27 नवम्बर 2024 को ‘रेलवे स्टेशन के कायाकल्प की मंथर गति ने सुविधा कम, लोगों की परेशानी ज्यादा बढ़ाई’ शीर्षक से तथा 29 नवम्बर को ‘नागौर रेलवे स्टेशन का कायाकल्प करने की जगह कर दिया कबाड़ा’ शीर्षक से समाचार प्रकाशित कर जिम्मेदार अधिकारियों का ध्यान आकृष्ट किया था। इसके बाद रेलवे के जोधपुर डीआरएम ने नागौर का दौरा तो किया, लेकिन उसका असका असर नजर नहीं आया। गौरतलब है कि पत्रिका ने दौरान स्टेशन के माल गोदाम की पट्टियों की छत हटाए बिना उसके ऊपर आरसीसी की छत बनाने से खराब हुई पट्टियों की छत व दीवार के साथ रेलवे स्टेशन के मुख्य द्वार के आगे बन रहे पोर्च में में बरती अनियमितता को उजागर किया था।

क्या कहते हैं शहरवासी

रेलवे स्टेशन का काम पिछले तीन महीने से काम बंद है, क्यों बंद है, इसका पता नहीं। जो काम हुआ है, वो भी खराब हुआ है। रेलवे के अधिकारी ठेकेदार को भुगतान करने की बात कह रहे हैं, जबकि ठेकेदार का कहना है कि भुगतान नहीं हो रहा। कोई देखने वाला नहीं है, जनता परेशान हो रही है।

– शंभुसिंह राठौड़, स्थानीय निवासी

नागौर का रेलवे स्टेशन चारों तरफ से तोड़ दिया है, यहां चार ठेकेदारों को अलग-अलग काम दिया है और चारों ने ही काम बंद कर दिया है। लोग परेशान हो रहे हैं।

– चांदरत्न तिवाड़ी, शहरवासी

नागौर रेलवे स्टेशन का काम तीन बार बंद हो चुका है। आरओबी तरह यह काम भी ‘बीरबल की खिचड़ी’ बन चुका है। यहां जो सुलभ शौचालय था, उसे भी तोड़ दिया है। ठेकेदार अपना सामान लेकर यहां से चला गया है, लेकिन न तो कोई कहने वाला है और न ही पूछने वाला है।

नेमीचंद वैष्णव, स्थानीय जनप्रतिनिधि

क्या कहते हैं रेलवे के अधिकारी

स्टेशन पर फिनिशिंग का कार्य और सर्कुलेटिंग एरिया को विकसित करने के लिए शिफ्टिंग की प्लानिंग चल रही है। नागौर स्टेशन का बचा हुआ कार्य तीव्र गति से शीघ्र ही पूरा किया जाएगा।

– विकास खेड़ा, सीनियर डीसीएम