3 मार्च 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

नागौर

video–मां गायत्री दिव्या ज्योति कलश यात्रा का स्वागत

लाडनूं. अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार व गायत्री चेतना केंद्र सुजला के संयुक्त तत्वावधान में तप एवं सुख समृद्धि का प्रतीक दिव्य ज्योति कलश रथ यात्रा सोमवार को शहर के गुर्जरों के पास स्थित देवनारायण मंदिर से यात्रा प्रारंभ होकर विभिन्न वार्डों से होते हुए कालीजी का चौक स्थित काली माता मंदिर पहुंची।

Google source verification

श्रद्धालु साथ रहे वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भक्ति में वातावरण मे झूम रहे थे।

लाडनूं. अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार व गायत्री चेतना केंद्र सुजला के संयुक्त तत्वावधान में तप एवं सुख समृद्धि का प्रतीक दिव्य ज्योति कलश रथ यात्रा सोमवार को शहर के गुर्जरों के पास स्थित देवनारायण मंदिर से यात्रा प्रारंभ होकर विभिन्न वार्डों से होते हुए कालीजी का चौक स्थित काली माता मंदिर पहुंची।

कलश यात्रा में काफी संख्या में श्रद्धालु साथ रहे वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भक्ति में वातावरण मे झूम रहे थे। सुजला चेतना केंद्र प्रभारी डॉ ईशा गुर्जर ने कहा कि गायत्री महायज्ञ कराने से कई जन्मों के पाप मिट जाते हैं। गायत्री मंत्र नहीं होता तो सनातन धर्म पर कोई भी व्यक्ति विश्वास नहीं करता। गायत्री मंत्र का जाप करने से किसी भी व्यक्ति को तत्काल विपत्ति से मुक्ति मिल जाती है। सभी मंत्रों का महामंत्र गायत्री मंत्र है। गायत्री मंत्र के जाप से हमारे मन और मस्तिष्क पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। उपजोन केंद्र डेगाना के संयोजक सीताराम पारीक ने कहा गायत्री मंत्र के जाप से मन व मस्तिष्क शांत हो जाता है। इसके जाप से हृदय मजबूत होता है, वहीं त्वचा का प्रतिरोधक क्षमता बढ़ जाती है। इस अवसर पर पार्षद रेणु कोचर, महेंद्र बाफना, परमेश्वर शर्मा, अनिल सिंघी, राजकुमार नागपुरिया, श्रवण जांगिड़, लालचंद वर्मा ने यात्रा का स्वागत किया। डॉ ओम प्रकाश गुर्जर ने बताया कि यात्रा पिछले 15 दिन से तहसील के सैंकड़ों गांवों में यात्रा भ्रमण करती हुई रविवार को लाडनूं में प्रवेश किया। अब नगर के वार्ड वार मां गायत्री एवं तपस्वी गुरुदेव के विचारों एवं आध्यात्मिक ज्योति का घर-घर पहुंचाया जा रहा है।