नागौर में परिणामों की घोषणा के बाद बड़ी संख्या में समर्थक जुटे और जुलूस के साथ मतगणना स्थल की ओर बढ़े, जिन्हें सुरक्षा और आचार संहिता का हवाला देते हुए पुलिस कर्मियों ने रोक दिया। लेकिन जीत की खुशी के बीच बेनीवाल इसे मानने को राजी नहीं हुए। वे समर्थकों के जुलूस में जिप्सी में सवार थे। समर्थकों के वाहन बैरिकेड्स पर रुके दिखे तो वे जिप्सी के ऊपर से नीचे कूदे और समर्थकों के बीच पुलिस अधिकारियों से जा भिड़े। उन्होंने सीधे कहा कि कोई नहीं रुकेगा। सब खुशी में शामिल होंगे। सारे समर्थक उनके साथ रहेंगे। इस दौरान बेनीवाल ने पुलिस कर्मियों को कहा कि इस जीत को पचाने की कोशिश करें। किसी के इशारे पर नहीं चले। बेनीवाल पहले भी नहीं डरा और आगे भी डरेगा नहीं। तब पुलिस कर्मी और अधिकारी पीछे हटे। बेनीवाल के समर्थकों में अधिकतर संख्या युवाओं की होने से वे कहीं पीछे रहते नहीं दिख रहे थे। बाद में बेनीवाल शपथ लेने के लिए अपने समर्थकों के काफिले के साथ ही मतगणना स्थल के गेट तक पहुंचे। हनुमान इस एंट्री ने समर्थकों का जोश दोगुना कर दिया। वे देर तक ढोल की थाप पर थिरकते दिखे।